रायपुर। राजधानी रायपुर में राज्योत्सव से ठीक पहले छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सदस्य मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। रविवार को हुए विवाद के बाद सोमवार को मूर्ति को पुनः स्थापित कर दिया गया है।
संगठन ने इस घटना को छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर हमला बताया है। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता भावुक हो गए, वहीं एक व्यक्ति छत्तीसगढ़ महतारी के लिए रोते हुए नजर आया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और एक संदेही को हिरासत में लिया गया है। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि घटना के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि भाजपा ने जनआक्रोश को अनदेखा किया तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह घटना कहीं भाजपा शासन की प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम तो नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद से छत्तीसगढ़ की अस्मिता और संस्कृति पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं बजरंग दल ने अपराधी का मुंडन कर जुलूस निकालने और 36 फीट ऊंची नई मूर्ति स्थापित करने की मांग की है।
सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी की पहचान हो सके। बताया जा रहा है कि एक विक्षिप्त व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
घटना उस समय हुई जब राम मंदिर तिराहा के पास छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना द्वारा स्थापित मूर्ति को किसी अज्ञात व्यक्ति ने दीवार से उखाड़कर खंडित कर दिया। प्रतिमा का सिर भी अलग हो गया था। इसके बाद संगठन के कार्यकर्ता आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।




