रायपुर। चक्रवात मोन्था फिलहाल कमजोर पड़ चुका है और पश्चिम की ओर आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके असर से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में आज भी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। चक्रवात के कारण बस्तर से चलने वाली दो यात्री ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 31 अक्टूबर के बाद हालात सामान्य होने की संभावना है। इससे पहले बस्तर में अचानक हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगहों पर खड़ी फसलें झुक गईं, जबकि कटे हुए धान की बोरियां और खेतों में रखे ढेर भीगकर सड़ने लगे हैं।
कोंडागांव जिले के ग्राम आदनार में बारिश से बड़को नाला पुलिया टूट गई, जिससे लिंगोंपथ-मर्दापाल-भाटपाल-नारायणपुर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित है। यह पुल प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित था। लगातार बारिश से पुलिया का हिस्सा धंस गया और पानी का दबाव बढ़ने से शेष भाग भी टूट गया। सौभाग्य से उस समय कोई वाहन पुल पर नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और जगदलपुर में पिछले दो दिनों से ठंडी हवाएं चल रही हैं और रात में हल्की बारिश दर्ज की गई है। तूफान के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश तक चलने वाली दो यात्री ट्रेनें रद्द और दो ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की गई हैं।
ओडिशा में झमाझम बारिश से केके रेललाइन पर चिमड़पल्ली के पास भूस्खलन हुआ है। रेलवे ट्रैक पर चट्टान और मिट्टी धंसने से मार्ग बाधित हो गया है। हालांकि यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, लेकिन मालगाड़ियों की आवाजाही जारी है। वाल्टेयर रेल मंडल ने जगदलपुर सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों में हेल्पडेस्क स्थापित किए हैं। जगदलपुर हेल्पडेस्क के लिए हेल्पलाइन नंबर 08912884714 और 08912884715 जारी किए गए हैं।
राजधानी रायपुर सहित कई इलाकों में सुबह तेज हवाएं चलीं। मौसम विभाग ने आठ जिलों—कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, सरगुजा, रायगढ़, बिलासपुर और जीपीएम—में यलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
बेमौसम बारिश से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
इस साल 1 से 26 अक्टूबर के बीच प्रदेश में 89.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो औसत 56.2 मिमी से लगभग 59 प्रतिशत अधिक है। कृषि मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों को बारिश और हवा से बचाने के लिए उचित प्रबंध करें और कटाई के बाद फसल को सुरक्षित स्थान पर भंडारित करें।




