रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस पर आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद और माओवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब देश का हर कोना माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास की नई सुबह का आरंभ हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद ने प्रदेश को दशकों तक पीछे रखा, जिसके कारण आदिवासी इलाकों में सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों तक पहुंच नहीं हो पाई। डॉक्टरों और शिक्षकों पर हमले किए जाते थे। उन्होंने कहा कि जो लोग सामाजिक न्याय की बात करते थे, उन्होंने वर्षों तक प्रदेश की अनदेखी की। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार छत्तीसगढ़ के हर नागरिक का जीवन आसान बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां कभी बिजली नहीं पहुंची थी, वहां अब इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि जिन परिवारों के लिए कभी गैस सिलेंडर एक सपना था, आज उनके घर तक गैस कनेक्शन पहुंच चुका है और अब पाइपलाइन के माध्यम से सस्ती गैस उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों की यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने इस राज्य का गठन किया था और आज यह विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि 25 साल का कालखंड पूरा होने के बाद अब अगले 25 साल का नया युग आरंभ हो रहा है। प्रधानमंत्री ने उपस्थित लोगों से मोबाइल की फ्लैश जलाकर इस नई शुरुआत का प्रतीकात्मक स्वागत करने का आग्रह किया।
मोदी ने कहा कि राज्य में 40 हजार किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क तैयार हो चुका है और नेशनल हाईवे का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि रायपुर से बिलासपुर जैसी प्रमुख दूरियों में अब काफी कमी आई है। प्रधानमंत्री ने प्रदेश के औद्योगिक विकास का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह को दिया और कहा कि साय सरकार भी तेज गति से राज्य को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं की एक नई पीढ़ी अब राज्य के विकास की बागडोर संभाल रही है। प्रधानमंत्री ने जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण और 14 हजार करोड़ रुपये की विकास योजनाओं के शिलान्यास पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ न केवल मध्य भारत का, बल्कि पूरे देश का विकास मॉडल बनेगा।




