बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सोमवार शाम हुए भीषण रेल हादसे की जांच अब सिग्नलिंग सिस्टम और चालक की भूमिका पर केंद्रित हो गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि MEMU लोकल ट्रेन ने निर्धारित सिग्नल पार कर लिया था, जिसके बाद वह सामने खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। यही इस हादसे की प्रमुख वजह मानी जा रही है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार शाम करीब चार बजे बिलासपुर स्टेशन के पास MEMU पैसेंजर ट्रेन ने मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेन का एक कोच मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया। इस हादसे में छह यात्रियों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं।
प्रथम दृष्टया जांच में यह बात सामने आई है कि MEMU ट्रेन ने सिग्नल ओवरशूट किया था। जब ट्रेन बिलासपुर स्टेशन यार्ड में प्रवेश कर रही थी, उस समय सामने की लाइन पर एक मालगाड़ी पहले से खड़ी थी। संभवतः चालक समय पर सिग्नल पर नहीं रुक पाया, जिससे यह दुर्घटना हुई।
जांच टीम अब यह पता लगा रही है कि यह गलती तकनीकी खामी के कारण हुई या मानवीय भूल से। अधिकारियों ने बताया कि MEMU ट्रेनों में आधुनिक सिग्नलिंग और ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम मौजूद होता है, जिससे इस तरह की घटनाएं कम होती हैं। फिर भी हादसे के समय ट्रेन की गति और ब्रेकिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली की जांच की जा रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी यह तय नहीं किया जा सकता कि गलती चालक की थी या सिग्नलिंग सिस्टम की विफलता के कारण हादसा हुआ। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
हादसे के तुरंत बाद रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। रेलवे ने इस घटना के बाद सिग्नलिंग सिस्टम की व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं और यह भी देखा जा रहा है कि MEMU चालक को समय पर सिग्नल की जानकारी मिली थी या नहीं।




