दुर्ग। जिले के उतई थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह घटना मार्च 2024 की है। डेढ़ साल बाद अदालत ने आरोपी विनय प्रकाश टंडन (36) को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) दुर्ग अवध किशोर की अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एन) के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास और धारा 506(1) के तहत 1 वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी है। आरोपी बालोद जिले का निवासी है।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी और पीड़िता के बीच पहले से जान-पहचान थी। इसी का फायदा उठाते हुए आरोपी ने युवती को शादी का झांसा दिया और 12 मार्च 2024 को उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोपी ने दूसरी जगह ले जाकर शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब युवती ने विरोध किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता किसी तरह आरोपी से बचकर घर लौटी और उतई थाना में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 366, 376(2)(एन) और 506(1) के तहत अपराध दर्ज किया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चालान अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के माध्यम से यह साबित किया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म किया। सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।




