रायपुर. राज्य सरकार हाफ बिजली बिल योजना में एक और संशोधन करने की तैयारी कर रही है। ऊर्जा विभाग और पावर कंपनी के अधिकारियों के बीच चल रही चर्चाओं के अनुसार, योजना की सीमा 100 यूनिट से बढ़ाकर 200 यूनिट करने पर विचार किया जा रहा है। वर्तमान व्यवस्था से असंतुष्ट उपभोक्ताओं की बड़ी संख्या इस बदलाव से राहत पा सकती है।
पूर्व कांग्रेस सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हाफ बिजली बिल योजना शुरू की थी, जिसके तहत 400 यूनिट तक की खपत पर 50 प्रतिशत छूट मिलती थी। वर्तमान सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए सीमा को 100 यूनिट तक कर दिया। 100 यूनिट से एक यूनिट भी अधिक खपत होने पर उपभोक्ता योजना से बाहर हो जाते हैं। यह संशोधित व्यवस्था 1 अगस्त से लागू है, जिसके बाद उपभोक्ताओं को भारी बिल आने लगे हैं और असंतोष बढ़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार अब सीमा को 200 यूनिट तक बढ़ाने पर सहमत दिखाई दे रही है। नियम पहले की तरह ही रहेंगे—200 यूनिट से एक यूनिट अधिक खपत पर योजना का लाभ स्वतः समाप्त हो जाएगा। इस संबंध में उच्च स्तर पर चर्चा हो चुकी है और मुख्यमंत्री की सहमति भी बताई जा रही है। घोषणा कब होगी, यह तय नहीं है, हालांकि इसे सरकार के दो वर्ष पूरे होने या 26 जनवरी के अवसर पर घोषित किए जाने की संभावना जताई गई है।
15 लाख से अधिक नए उपभोक्ता होंगे लाभान्वित
वर्तमान में 100 यूनिट तक हाफ बिल का लाभ लगभग 15 से 20 लाख उपभोक्ताओं को मिल रहा है। सीमा बढ़ाकर 200 यूनिट करने पर लगभग 15 लाख अतिरिक्त उपभोक्ता योजना के दायरे में आ जाएंगे। पहले 400 यूनिट तक हाफ बिल की व्यवस्था में सरकार पावर कंपनी को प्रतिवर्ष लगभग 1260 करोड़ रुपये सब्सिडी देती थी। नई व्यवस्था में 100 यूनिट के बाद की पूरी राशि अब पावर कंपनी को सीधे उपभोक्ताओं से प्राप्त हो रही है।




