रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में मंगलवार को एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। नए साक्ष्यों के आधार पर ACB-EOW की टीम ने राजधानी रायपुर के पिथालिया कॉम्प्लेक्स स्थित करन ट्रेवल्स में छापेमारी की।
जांच के दौरान अधिकारियों ने ट्रेवल एजेंसी से वरिष्ठ अधिकारियों, राजनेताओं और संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों की ट्रैवल हिस्ट्री और होटल बुकिंग से जुड़े कई दस्तावेज जब्त किए। इनमें देश-विदेश यात्राओं के साथ कश्मीर, तिरुपति और उदयपुर दौरों का विवरण शामिल है। एजेंसी को आशंका है कि कथित शराब घोटाले से प्राप्त धनराशि का उपयोग इन यात्राओं और होटल बुकिंग में नगद भुगतान के रूप में किया गया। फिलहाल जांच टीम परिसर में कार्रवाई जारी रखे हुए है।
शराब घोटाले का मामला
आरोप है कि 2019 से 2023 के बीच पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान शराब नीति में बदलाव कर मनचाही कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया। नोएडा की एक कंपनी के माध्यम से नकली होलोग्राम और सील तैयार की गईं, जिनकी मदद से महंगी शराब की बोतलें सरकारी दुकानों में बेची गईं। नकली हॉलमार्क के कारण बिक्री का रिकॉर्ड शासन तक नहीं पहुंचा और बिना एक्साइज टैक्स के शराब की आपूर्ति जारी रही। इस प्रक्रिया से राज्य को लगभग 2165 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है। जांच में पता चला है कि यह राशि राजनीतिक गतिविधियों और प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाई गई।
मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर सहित कई प्रभावशाली व्यक्तियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें बाद में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली।
एसीबी-ईओडब्ल्यू आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना जता रही है।




