रायपुर। छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को नई दिशा देते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बुधवार को राज्य की पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग के दाहिने हिस्से का ब्रेकथ्रू पूरा कर लिया। 2.79 किलोमीटर लंबी यह सुरंग अब दोनों ओर से जुड़ गई है और परियोजना निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच गई है।
यह सुरंग रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे NH-130CD का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका निर्माण भारतमाला परियोजना के अंतर्गत किया जा रहा है। सुरंग के बाएं हिस्से का ब्रेकथ्रू 30 सितंबर 2025 को किया गया था। ट्विन-ट्यूब संरचना के रूप में विकसित हो रही यह आधुनिक सुरंग अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, वेंटिलेशन और यातायात प्रबंधन प्रणाली से सुसज्जित होगी।
NH-130CD छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाला प्रमुख सड़क मार्ग है। यह कॉरिडोर रायपुर से धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम के रास्ते सीधे विशाखापट्टनम बंदरगाह तक पहुंचेगा। 464 किलोमीटर लंबे छह लेन एक्सप्रेसवे का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
परियोजना के संचालन में आने के बाद तीनों राज्यों के बीच परिवहन तेज और सुगम होगा। रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे उद्योग, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विशाखापट्टनम बंदरगाह से सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होने से छत्तीसगढ़ की आर्थिक संभावनाओं में भी वृद्धि होगी और आयात-निर्यात के नए अवसर विकसित होंगे।




