रायपुर। नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान में 28 से 30 नवंबर तक आयोजित होने वाले 60वें अखिल भारतीय DGP-IG सम्मेलन में शामिल होने गुरुवार रात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रायपुर पहुंचे। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिस्सा लेंगे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य नेताओं ने अमित शाह का स्वागत किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षा से संबंधित देश का बड़ा सम्मेलन हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने दूसरी बार राज्य आ रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के प्रति उनके विशेष लगाव को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ में रहेंगे और सम्मेलन की प्रमुख बैठकों में भाग लेंगे।
देशभर से शीर्ष पुलिस अधिकारी रायपुर पहुंचे
सम्मेलन में शामिल होने के लिए देशभर के DGP, COP, IG, ADG, IB सहित कई शीर्ष सुरक्षा अधिकारी रायपुर पहुंचे हैं। सभी राज्य अपराध नियंत्रण पर अपने-अपने प्रेजेंटेशन देंगे, जिसके आधार पर एक मॉडल स्टेट चयनित कर साझा दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ में पहली बार यह आयोजन हो रहा है, जिसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पिछले वर्ष यह सम्मेलन ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित हुआ था।
अतिथियों के लिए विशेष ठहराव व्यवस्था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एम-1 और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एम-11 में ठहरेंगे। नए सर्किट हाउस में एनएसए अजीत डोभाल, डिप्टी एनएसए अनीश दयाल सिंह, आईबी चीफ तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव और गृह राज्य मंत्रियों के लिए आवास व्यवस्था की गई है। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान में 140 और निमोरा अकादमी में 91 कमरे बुक किए गए हैं। कुल 75 पुलिस अधिकारी, जिनमें 33 राज्यों के डीजीपी और पैरामिलिट्री फोर्स के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, रायपुर में ठहरेंगे।
सुरक्षा जिम्मेदारी एडीजी और आईजी के पास
सम्मेलन के दौरान सुरक्षा और समन्वय की जिम्मेदारी एडीजी दीपांशु काबरा और आईजी अमरेश मिश्रा को सौंपी गई है। वे राज्य पुलिस, केंद्रीय बल, इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे कार्यक्रम की निगरानी करेंगे।
महत्वपूर्ण सुरक्षा विषयों पर होगी चर्चा
सम्मेलन का उद्देश्य देश के सामने मौजूद प्रमुख पुलिस चुनौतियों की समीक्षा कर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप ‘सुरक्षित भारत’ की दिशा में रोडमैप तैयार करना है। ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ विषय पर आधारित इस सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद निरोध, महिला सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, फोरेंसिक विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों के लिए राष्ट्रीय स्तर का संवाद मंच
यह सम्मेलन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर खुला संवाद करने का अवसर प्रदान करता है। इसमें परिचालन, अवसंरचनात्मक और कल्याण संबंधी चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी, साथ ही कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और आंतरिक सुरक्षा के सर्वोत्तम उपाय साझा किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन में लगातार गहरी रुचि दिखाते आए हैं और पुलिस व्यवस्था में नए विचारों को प्रोत्साहित करते रहे हैं।
2014 से सम्मेलन के स्वरूप में सुधार
प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 2014 से इस सम्मेलन के स्वरूप में लगातार सुधार किया गया है। इसे देश के विभिन्न प्रमुख शहरों—गुवाहाटी, कच्छ का रण, हैदराबाद, टेकनपुर, केवड़िया, पुणे, लखनऊ, नई दिल्ली, जयपुर और भुवनेश्वर—में आयोजित किया जा चुका है।




