रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से बस्तर पंडुम 2026 के आयोजन को लेकर शनिवार को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के रायपुर स्थित निवास में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बस्तर संभाग की लोककला, संस्कृति, रीति-रिवाज और पारंपरिक जीवनशैली को व्यापक मंच देने संबंधी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर पंडुम सिर्फ सांस्कृतिक महोत्सव नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान और विरासत को संजोने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र के प्रतिभाशाली कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने और आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर देगा। उन्होंने निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सभी विभाग समन्वय के साथ तैयारी पूरी करें।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम युवाओं के लिए अपनी सांस्कृतिक विविधता को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अनूठा अवसर है। उन्होंने इसे बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा को देश और दुनिया के सामने लाने वाला आयोजन बताया।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह महोत्सव राज्य की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने निर्देश दिया कि आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां तय समय पर पूर्ण की जाएं, ताकि बस्तर पंडुम का भव्य आयोजन सुनिश्चित हो सके।




