नई दिल्ली। उड़ानों में अचानक उत्पन्न हुए संकट ने हजारों यात्रियों को परेशानी में डाल दिया है। खास तौर पर इंडिगो की लगातार हो रही उड़ान रद्दीकरण से कई हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई है। ऐसे समय में जम्मू स्थित उत्तर रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए त्वरित कदम उठाते हुए प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया है।
उत्तर रेलवे की यह पहल न सिर्फ राहत देने वाली है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि एक परिवहन सेवा बाधित होने पर दूसरा माध्यम यात्रियों की जरूरतें पूरा करने के लिए तत्परता से आगे आता है। सबसे अहम निर्णय जम्मू-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के लिए लिया गया है। शुक्रवार रात से अगले सात दिनों तक इस ट्रेन में एक अतिरिक्त थर्ड एसी कोच जोड़ा गया है, जिसमें 72 सीटें उपलब्ध होंगी।
सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर उचित सिंगल ने बताया कि यह कदम विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए उठाया गया है जिनकी उड़ानें रद्द हो गई हैं। ऐसे यात्री नए जोड़े गए कोच में टिकट लेकर अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। रेलवे की यह तत्परता संकट की घड़ी में यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
केवल राजधानी एक्सप्रेस ही नहीं, उत्तर रेलवे ने अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों में भी कोच बढ़ाए हैं। 12424/23 डिब्रूगढ़-राजधानी (जम्मू राजधानी का लिंक रेक) में एक अतिरिक्त थर्ड एसी कोच जोड़ा गया है। इसके अलावा 12045/46 चंडीगढ़-दिल्ली शताब्दी और 12030/29 अमृतसर-दिल्ली शताब्दी में एक-एक चेयर कार का इजाफा किया गया है। इन अतिरिक्त कोचों का लाभ दिल्ली, पंजाब, जम्मू और चंडीगढ़ जैसे मार्गों पर तत्काल यात्रा की आवश्यकता वाले यात्रियों को मिलेगा।
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर आगे और सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। इंडिगो की तकनीकी और परिचालन संबंधी समस्याओं ने एयरलाइन क्षेत्र की सीमाओं को उजागर किया है, जहां अचानक पैदा हुए व्यवधान से हजारों यात्री प्रभावित हो रहे हैं। इसके विपरीत भारतीय रेल ने संकट की स्थिति में अपनी क्षमता और विश्वसनीयता साबित की है।
रेलवे की यह पहल केवल अतिरिक्त सीटें उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि जरूरत पड़ने पर रेल हमेशा यात्रियों के साथ खड़ी रहती है।




