रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से शुरू हो रहा है, जो 17 दिसंबर तक चार दिनों तक चलेगा। यह सत्र नवा रायपुर अटल नगर स्थित नवनिर्मित विधानसभा भवन में आयोजित होगा, जो नए भवन में पहला पूर्ण सत्र होगा।
सत्र की शुरुआत रविवार को होने से राज्य के संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ेगा। पहले दिन सदन में छत्तीसगढ़ विजन 2047 पर विशेष चर्चा होगी, जिसमें मुख्य रूप से सत्तापक्ष के विधायक भाग लेंगे। कांग्रेस विधायकों ने पहले दिन की कार्यवाही का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है, जिससे इस दिन प्रश्नकाल नहीं होगा।
15 दिसंबर से 17 दिसंबर तक सदन में कानून-व्यवस्था, धान खरीदी, बिजली तथा जमीन दर जैसे मुद्दों पर हंगामे की संभावना है। इन मुद्दों पर कांग्रेस के साथ भाजपा विधायक भी मंत्रियों से प्रश्न पूछेंगे। सत्र के लिए विधायकों ने कुल 628 प्रश्न प्रस्तुत किए हैं, जिनके जवाब मंत्रियों को देने होंगे।
इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा धर्मांतरण होगा। सरकार छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक प्रस्तुत कर सकती है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने इसके संकेत दिए हैं। विधेयक पारित होने के बाद प्रदेश में धार्मिक विवादों में कमी आने की उम्मीद जताई गई है।




