मनेंद्रगढ़। घर की चारदीवारी के भीतर एक खामोश शक पनप रहा था। मोबाइल स्क्रीन पर चमकता एक इंस्टाग्राम मैसेज… और उसी मैसेज ने एक शादीशुदा ज़िंदगी को मौत के मोड़ पर ला खड़ा किया।
एमसीबी जिले के खड़गवां विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत लकड़ापारा में सामने आया यह मामला पहली नज़र में आत्महत्या का लगा, लेकिन सच कहीं ज़्यादा भयावह निकला।
पुलिस के मुताबिक, देवनारायण और उसकी पत्नी रवीना के बीच पिछले कुछ समय से तनाव था। वजह—इंस्टाग्राम पर आए मैसेज। पति का शक था कि रवीना किसी अज्ञात व्यक्ति से लगातार बातचीत कर रही है। कई बार समझाइश दी गई, टोका गया, लेकिन बातचीत बंद नहीं हुई।
और फिर, उसी रात विवाद भड़क उठा।
कहासुनी ने गुस्से का रूप लिया। आरोप है कि आवेश में आकर देवनारायण ने रवीना को जोर से धक्का दे दिया। संतुलन बिगड़ा, सिर पास रखी चारपाई से टकराया। रवीना वहीं ढेर हो गई। नाक से खून बहने लगा।
कमरे में सन्नाटा था। देवनारायण को लगा—सब खत्म हो चुका है।
इसके बाद उसने वह किया, जिसने इस मामले को और रहस्यमय बना दिया। मौत को आत्महत्या का रूप देने के लिए उसने गमछे से फंदा बनाया, पत्नी के शव को पंखे से लटकाया और घर से निकल गया।
सुबह जब परिजनों की नजर पड़ी, तो उन्होंने फंदे पर लटकी रवीना को देखकर आत्महत्या मान ली। लेकिन खड़गवां पुलिस को कुछ गड़बड़ लगी। कमरे की हालत, शरीर के निशान—कहानी कुछ और कह रही थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने परतें खोल दीं।
रवीना के सिर की अंदरूनी हड्डी टूटी हुई थी। फांसी से मौत की थ्योरी खारिज हो गई।
इसके बाद सख्ती से हुई पूछताछ में देवनारायण टूट गया। उसने पूरी सच्चाई कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं है।
यह उस शक की कहानी है, जो मोबाइल स्क्रीन से निकलकर इंसानी रिश्तों को लहूलुहान कर देता है।
एक मैसेज… और एक जिंदगी खत्म।





