रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल में अजय चंद्राकर ने सदन में स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म वर्करों की सुरक्षा और श्रम अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि गिग वर्करों को संगठित श्रमिक माना जाएगा या असंगठित, और तेज डिलीवरी के दबाव में उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
अजय चंद्राकर ने कहा, यह बहुत गंभीर विषय है। इस पर कोई नियम-निर्देश बनाना जरूरी है। कितने गिग वर्करों ने सुसाइड कर ली है। छत्तीसगढ़ के युवाओं का भविष्य खतरे में है। आप चाहे तो अन्य राज्यों से विचार-विमर्श कर सकते हैं। हमारे रिटायर्ड जज या विधि सचिव को इसका जिम्मा सौंपा जा सकता है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने जवाब दिया कि फिलहाल गिग वर्करों को न तो संगठित और न ही असंगठित श्रमिक माना गया है। सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत नियम भारत सरकार के अधिनियम के अनुसार लागू होंगे, और राज्य सरकार केंद्र द्वारा अधिसूचित नियमों का पालन करेगी।




