सुकमा। नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के बड़ेसट्टी गांव ने इतिहास रच दिया है। यह गांव छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होने वाला पहला गांव बन गया है। शुक्रवार को गांव में 11 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के साथ यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई। गांव को नक्सलमुक्त घोषित करने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और इसे क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।
एक करोड़ की विकास राशि मिलेगी
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई नक्सल आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 के अंतर्गत ‘इलवद पंचायत योजना’ में उन ग्राम पंचायतों को एक करोड़ रुपये की विकास राशि दी जाएगी, जो आत्मसमर्पण को प्रोत्साहित कर नक्सलमुक्त होने का प्रस्ताव पारित करेंगी।
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पंचायत और पुलिस की अहम भूमिका
बड़ेसट्टी के सरपंच कलमू जोगा (33) ने बताया कि स्थानीय पुलिस और पंचायत के सहयोग से गांव में नक्सलियों को मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने बताया कि यह प्रयास पिछले कुछ वर्षों से लगातार किया जा रहा था, जिसका अब सकारात्मक परिणाम सामने आया है।
2021 में रखी थी शांति की नींव
गांव ने 2021 में शांति की दिशा में पहला कदम बढ़ाया था। उसी वर्ष छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) की पहली बटालियन का कैंप बड़ेसट्टी में स्थापित किया गया। कंपनी कमांडर जमुना कुमार रजक ने बताया कि कैंप लगने के बाद गांव में सड़क का निर्माण हुआ और धीरे-धीरे विकास कार्य शुरू हुए। इससे नक्सली गतिविधियों में गिरावट आई।
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गांव में दिखने लगे विकास के संकेत
आज बड़ेसट्टी की आठ बस्तियों में से छह में बिजली की आपूर्ति हो चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसे बुनियादी ढांचे में सुधार देखा जा रहा है। आने वाले समय में यहां और भी विकास कार्य किए जाएंगे।




