Bangladesh President Mohammed Shahabuddin On Sheikh Hasina: बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के एक दावे ने बांग्लादेश की राजनीति में सनसनी मचा दी है। पूर्व पीएम शेख हसीना के तख्तापलट के ढाई महीने बाद मोहम्मद शहाबुद्दीन ने दावा किया कि उन्हें शेख हसीना का इस्तीफा नहीं मिला है। ऐसे में बांग्लादेश में प्रधानमंत्री का चुनाव कराना संभव नहीं है। मोहम्मद शाहबुद्दीन के दावे ने सियासत में बवाल मचा दिया है। वहीं इससे ये कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या शेख हसीना अब भी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हैं? क्या इसलिए ही भारत हसीना को अपने यहां शरण दिए हैं कि सही मौका मिलते ही हसीना को फिर से बांग्लादेश की सियासत में एंट्री करवा सके।
राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने कहा कि उन्हें यह सुनने में आया था कि हसीना ने इस्तीफा दे दिया है। कई प्रयासों के बावजूद, वह कोई दस्तावेज ढूंढने में असफल रहे। राष्ट्रपति ने कहा कि शायद उनके पास समय नहीं था।
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Bangladesh President Mohammed Shahabuddin On Sheikh Hasina: एक साक्षात्कार के मुताबिक, उन्होंने बताया कि 5 अगस्त को हसीना के निवास से उनके कार्यालय में फोन आया था कि वह उनसे मिलने आएंगी, लेकिन एक घंटे के भीतर ही दूसरा फोन आया कि वह नहीं आ पाएंगी। इसके बाद, उन्होंने सैन्य सचिव जनरल अदिल से संपर्क किया, लेकिन उन्हें भी कोई जानकारी नहीं थी।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘हर जगह अशांति की खबरें थीं…मैंने अपने सैन्य सचिव जनरल आदिल (मेजर जनरल मोहम्मद आदिल चौधरी) से इस पर गौर करने के लिए कहा। उनके पास भी कोई जानकारी नहीं थी। हम इंतजार कर रहे थे और टीवी स्क्रॉल देख रहे थे। कोई खबर नहीं थी। एक समय, मैंने सुना कि वह (हसीना) मुझे बताए बिना देश छोड़कर चली गई।
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मैं तो खुद उनसे पूछ रहा था
राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आगे कहा, ‘‘जब सेना प्रमुख जनरल वाकर बंगभवन आए, तो मैंने यह जानने की कोशिश की कि क्या प्रधानमंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया है। जवाब यही था- उन्होंने सुना है कि उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया है, लेकिन शायद उन्हें हमें सूचित करने का समय नहीं मिला। जब सब कुछ नियंत्रण में था, तो एक दिन कैबिनेट सचिव इस्तीफ़े की प्रति लेने आए। मैंने उनसे कहा कि मैं भी इसकी तलाश कर रहा हूँ।’’ उन्होंने कहा कि इस पर अब बहस करने का कोई मतलब नहीं है; हसीना जा चुकी हैं और यह सच है। राष्ट्रपति के बयान के बाद अब एक नया विवाद शुरू हो चुका है, क्योंकि वह नए प्रधानमंत्री मोहम्मद युनूस को शपथ भी दिला चुके हैं।
ढाका ट्रिब्यून अखबार ने भी लगाई मुहर
‘ढाका ट्रिब्यून’ (Dhaka Tribune) अखबार ने बांग्ला दैनिक ‘मनाब जमीन’ के साथ राष्ट्रपति के इंटरव्यू के कुछ अंशों का हवाला देते हुए सोमवार को लिखा कि राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा कि उन्होंने सुना है कि हसीना ने बांग्लादेश छोड़ने से पहले प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन उनके पास इसका कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है।
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Bangladesh President Mohammed Shahabuddin On Sheikh Hasina: अखबर ने आगे लिखा कि- पांच अगस्त की घटना का विवरण देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सुबह करीब 10:30 बजे हसीना के आवास से बंगभवन को फोन आया और बताया गया कि शेख हसीना उनसे मुलाकात करेंगी। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘यह सुनकर बंगभवन में तैयारियां शुरू हो गईं। एक घंटे के भीतर ही एक और कॉल आई, जिसमें कहा गया कि वह नहीं आ रही हैं। मैंने अपने सैन्य सचिव जनरल आदिल (मेजर जनरल मोहम्मद आदिल चौधरी) से इसे देखने को कहा। उनके पास भी कोई जानकारी नहीं थी। हम इंतजार कर रहे थे और टीवी देख रहे थे। कहीं कोई खबर नहीं थी। फिर, मैंने सुना कि वह (हसीना) मुझे बताए बिना देश छोड़कर चली गई हैं। मैं आपको सच बता रहा हूं। आजतक उनका इस्तीफा मुझे नहीं मिला है।




