CG BREAKING: बिलासपुर जिले के लोफंदी गांव में सात लोगों की संदिग्ध मौत ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि इन मौतों का कारण जहरीली महुआ शराब हो सकता है, लेकिन जिला प्रशासन ने इस संबंध में स्पष्ट जानकारी देते हुए कहा है कि इन मौतों का कारण जहरीली शराब नहीं, बल्कि फूड पॉइजनिंग और सर्पदंश था।
प्रशासन के अनुसार, 3 से 6 फरवरी के बीच लोफंदी निवासी श्रवण देवांगन के घर शादी समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें गांव के लोगों को सामूहिक भोज में आमंत्रित किया गया। 6 फरवरी को कुछ लोगों ने नदी किनारे मछली पकाकर खाई, जिसके बाद से कई ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने लगी। पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और सुस्ती जैसे लक्षण दिखने पर कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान सात लोगों की मौत हो गई।
Read Also- महुआ शराब पीने से अब तक 7 लोगों की मौत, चार की हालत गंभीर, इलाके में हड़कंप, प्रशासन को पीएम रिपोर्ट का इंतजार
CG BREAKING: जिला प्रशासन की प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि 5 फरवरी को देवप्रसाद पटेल और शत्रुहन देवांगन की मौत हुई थी। देवप्रसाद पटेल की मौत को सर्पदंश से हुई मृत्यु बताया गया है, जिसका समर्थन उनके बेटे के बयान और पुलिस रिकॉर्ड से हुआ है। 7 और 8 फरवरी को पांच और लोगों की मौत हुई, जिनमें रामूराम सुनहले, कोमल लहरे, कन्हैया पटेल, बलदेव पटेल और कुन्नू देवांगन शामिल हैं। बलदेव पटेल की मौत श्रीराम केयर अस्पताल में हुई, जहां मृत्यु प्रमाण पत्र में कार्डियो रेस्पिरेटरी अरेस्ट को मौत का कारण बताया गया है।
CG BREAKING: प्रशासन ने बताया कि अधिकतर मृतकों का अंतिम संस्कार उनके परिजनों ने खुद ही कर दिया और किसी भी विभाग को इसकी सूचना नहीं दी गई। हालांकि, प्रशासन की टीम ने मृतक रामूराम सुनहले के शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए सिम्स भेजा। सिम्स से प्राप्त पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया कि “मृत्यु का कोई विशेष कारण अभी नहीं बताया जा सकता है। बिसरा, हिस्टो पैथोलॉजी और ब्लड एनालिसिस रिपोर्ट के बाद ही मृत्यु के कारण का निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।’ वर्तमान में प्रशासन की टीम गांव में मेडिकल कैंप लगा कर लोगों की जांच कर रही है।




