CG Energy Investors Summit: छत्तीसगढ़ अब ऊर्जा क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आज रायपुर में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में कई बड़ी कंपनियों ने 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश का ऐलान किया है। इस निवेश से राज्य में परमाणु, थर्मल, सौर और पंप्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में बिजली उत्पादन के नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे। इससे न केवल उद्योगों को लाभ होगा, बल्कि आम जनता को भी सस्ती और निरंतर बिजली मिल सकेगी।
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CG Energy Investors Summit: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह निवेश राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर हरित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ न केवल ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऊर्जा हब के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ में बहुत धनी होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। यहां सरप्लस बिजली है और अच्छा वातावरण भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि बिजली कलेक्शन बढ़ेगा और ऊर्जा की खपत भी अन्य क्षेत्रों में बढ़ेगी।
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CG Energy Investors Summit: मुख्य सचिव अभिताभ जैन ने बताया कि 3 लाख करोड़ रुपये का यह निवेश अगले 6 से 7 साल में होगा, और इसके साथ रोजगार का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि हमें बड़े निवेश के लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए, क्योंकि इससे क्षेत्रीय और सांस्कृतिक विकास होगा।छत्तीसगढ़ पहले से ही 30,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है, जो देश के औसत से अधिक है। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एनटीपीसी ने 80,000 करोड़ रुपये की लागत से 4200 मेगावाट क्षमता का न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट लगाने की योजना बनाई है।
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थर्मल पावर क्षेत्र में अदानी पावर और जिंदल पावर द्वारा बड़े निवेश की घोषणा की गई है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी जिंदल पावर और एनटीपीसी ग्रीन मिलकर 10,000 करोड़ रुपये खर्च कर 2500 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन करेंगे। पीएम कुसुम योजना के तहत 4100 करोड़ रुपये की लागत से 675 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इसके अलावा, 57,046 करोड़ रुपये की लागत से 8700 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट भी शुरू होंगे।




