CG NEWS: छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से सरकारी नौकरियों की नोटिफिकेशन से ज्यादा सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले सामने आने लगे हैं। इनमें से ज्यादातर ठग खुद को या तो सत्ता में बैठे लोगों का करीबी बताते हैं या तो अधिकारियों से अच्छे संबंध होने का झांसा देते हैं। ठगों का यह लाव लश्कर देख बेरोजगार उनके बातों में आ जाते है और अपने बाप-दादाओं के मेहनत की कमाई गंवा देते हैं।
CG NEWS: ताजा मामला, रायपुर के गोलबाजार थाना से सामने आया है, यहां एक पीड़ित ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने वालों में एक ऐसा नाम बताया है, जो चौंकाने वाला है। चौंकाने वाला इस लिए क्योंकि नौकरी दिलाने के इस खेल में पूर्व मंत्री के विशेष सहायक, और मौजूदा समय में गरियाबंद जिले में संयुक्त कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे नवीन भगत का नाम भी शामिल है। पीड़ित ने इस पूरी ठगी में उनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका बताई है। पीड़ित के मुताबिक; ठगी के इस खेल रचने वाले सरगना ने स्वयं को राज्य परिवहन विभाग का पूर्व आयुक्त बताया था और इसमें उसके सुपुत्र व शिक्षिका सुपुत्री भी शामिल है।
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CG NEWS: गोलबाजार थाना में हुई लिखित शिकायत के अनुसार शिकायतकर्ता अश्वनी कुमार डडसेना ने बताया कि उनके एक मित्र ने शीतल ध्रुव से मिलवाया था। शीतल ध्रुव ने अपना परिचय रिटायर्ड आरटीओ कमिश्नर बताया और पहली ही मुलाकात में ही उनसे मंत्रालय और कलेक्टर आफिस में परमानेंट नौकरी लगाने के लिए कोई हो तो बताने के लिए कहा। इस दौरान उन्होंने मजाक से कह दिया कि मेरे बच्चे है उन्हें ही लगवा दो। जिसके बाद से वह पीछे पड़ गया और नौकरी लगवाने के संबंध में मुलाकात करने के लिए बार-बार जिद करने लगा।
चूँकि, पीड़ित का बेटे बेरोजगार था और उसे सरकारी नौकरी मिल जाए यह सोचकर शीतल ध्रुव से मिलने कबीर नगर स्थित उनके घर पहुंचा। वहां उनकी बेटी और बेटा मृत्युंजय मौजूद थे। इसके बाद शीतल ध्रुव अपनी गाड़ी से उन्हें गरियाबंद कलेक्टर आफिस ले जाकर नवीन भगत से मिलवाया। अश्वनी कुमार डडसेना ने बताया नवीन भगत कलेक्टर आफिस के अधिकारी है, उन्होंने ही शीतल ध्रुव पर भरोसा कर पैसा देने की बात कही और भरोसा दिलाया उनके लड़के को परमानेंट नौकरी मिल जाएगी।
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गरियाबंद के संयुक्त कलेक्टर नवीन भगत से भरोसा मिलने के बाद शीतल ध्रुव को 7.5 लाख चेक दे दिया। तय समय में नौकरी नहीं लगी तब जाकर उन्हें उनके साथ ठगी होने का शक हुआ, और जब पैसे भी वापस नहीं किया गया तब थक हारकर मामले की शिकायत गोल बाजार थाने में दर्ज कराई गई।

इस मामले गोलबाजार थाना प्रभारी अर्चना धुरंधर ने कहा कि पीड़ित का कथन लेने के लिए उन्हें थाना में बुलाया गया है। कथन के बाद आगे की कार्यवाही विधिवत की जाएगी।
वहीं इस मामले में जब राज्य सेवा के अधिकारी नवीन भगत से टेलीफोन में संपर्क करना चाहा तो उन्होंने फोन नहीं उठाया और न ही मैसेज करने पर खबर लिखे जाने तक कोई भी जवाब आया




