Naxal Operation kagar: बीजापुर के नक्सल प्रभावित कर्रेगुट्टा क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी रणनीतिक सफलता हासिल की है। लगातार आठ दिनों तक चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद सुरक्षाबलों ने कर्रेगुट्टा की 5000 फीट ऊंची पहाड़ी पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद जवानों ने पहाड़ी की चोटी पर तिरंगा फहराया और अस्थायी कैंप स्थापित कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, एसटीएफ, डीआरजी और जिला पुलिस बल की विशेष टुकड़ियां शामिल थीं। सुरक्षाबलों ने दुर्गम और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए पहाड़ी पर पहुंच बनाई, जबकि रसद और अतिरिक्त जवानों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सीधे ऊपर उतारा गया।
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नक्सली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बढ़ी निगरानी
Naxal Operation kagar: कर्रेगुट्टा की यह पहाड़ी नक्सली गतिविधियों का अहम ठिकाना मानी जाती रही है। यहां से आसपास के जंगल क्षेत्रों पर सीधी निगरानी रखी जा सकती है। सुरक्षाबलों ने इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाकर ऑपरेशनल गतिविधियों को तेज कर दिया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब इस क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती हुई हो।
स्थायी चौकी की योजना
सूत्रों के मुताबिक, इस पहाड़ी पर एक स्थायी सुरक्षा चौकी या फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) स्थापित करने की योजना पर विचार चल रहा है। इससे न सिर्फ नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूती मिलेगी, बल्कि आसपास के गांवों में भी सुरक्षा की भावना को बल मिलेगा।
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ग्रामीणों में दिखा उत्साह और राहत
Naxal Operation kagar: इस अभियान के बाद क्षेत्र के गांवों में सामान्य स्थिति लौटती नजर आ रही है। ग्रामीणों ने सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अब क्षेत्र में शांति स्थापित होगी और विकास के रास्ते खुलेंगे।
हिड़मा के फरार होने की चर्चा
इधर, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कर्रेगुट्टा ऑपरेशन के दौरान बढ़ते दबाव के चलते कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा जंगलों और पहाड़ी रास्तों से तेलंगाना की ओर भाग निकला है। हालांकि इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।




