रायपुर। बस्तर संभाग में लगातार तीन दिनों तक मूसलाधार बारिश के कारण भीषण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दंतेवाड़ा जिले के 100 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है, लगभग 200 मकान ढह गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 5 लोगों की मौत हुई है, जबकि 2,196 लोग 43 राहत शिविरों में सुरक्षित स्थानांतरण किया गया हैं।
वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों एवं वरिष्ठ अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने, क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए राहत सामग्री और राशि का तत्काल वितरण सुनिश्चित करने, तथा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क और बिजली संपर्क बहाल करने के निर्देश दिए।
आज दक्षिण कोरिया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टर एवं वरिष्ठ अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली।
प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने, क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत हेतु… pic.twitter.com/cRMJOTw00P
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) August 28, 2025
मुख्यमंत्री ने जिलों के प्रभारी सचिवों को अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी करने के भी आदेश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है और बस्तर को शीघ्र ही इस आपदा से उबारकर विकास की नई दिशा दी जाएगी।




