नई दिल्ली। भारत को आज नया उपराष्ट्रपति मिल गया है। नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को 15वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राधाकृष्णन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
राधाकृष्णन का कार्यकाल 11 सितंबर 2030 तक रहेगा। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और वेंकैया नायडू भी शामिल हुए।
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इस्तीफा देने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, जिन्होंने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दिया था।
राज्यपाल पद से दिया इस्तीफा
उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से गुरुवार को औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति भवन से जारी आधिकारिक बयान में इसकी पुष्टि की गई। उनके इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
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राधाकृष्णन को उम्मीद से 14 वोट अधिक
राधाकृष्णन 9 सितंबर को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में 452 वोट पाकर विजयी घोषित हुए। उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों के अंतर से हराया।
चुनाव अधिकारी और राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी के अनुसार, कुल 781 सांसदों में से 767 ने मतदान किया, जिसमें से 752 मत वैध और 15 मत अवैध घोषित हुए। मतदान प्रतिशत 98.2% रहा। एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन को 427 सांसदों का समर्थन प्राप्त था, लेकिन उन्हें 14 अतिरिक्त वोट मिले।
वहीं, 13 सांसदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। इनमें बीजू जनता दल (BJD) के 7, भारत राष्ट्र समिति (BRS) के 4, शिरोमणि अकाली दल का 1 और 1 निर्दलीय सांसद शामिल हैं।




