कोण्डागांव। जिले में 5 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली गीता उर्फ़ कमली सलाम ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। गीता पूर्वी बस्तर डिवीजन की टेलर टीम की कमांडर (LBD) रह चुकी हैं।
पुलिस अधीक्षक वाॅय अक्षय कुमार के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाली गीता ने बताया कि लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों, संगठन के भीतर बढ़ते मतभेद और वरिष्ठ नेताओं के आत्मसमर्पण ने उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
महिला नक्सली ने यह भी बताया कि शासन की विकास योजनाओं, सड़कों और मोबाइल नेटवर्क के विस्तार, बिजली-पानी की उपलब्धता और ग्रामीणों तक पहुँच रही जनकल्याणकारी योजनाओं को देखकर उन्होंने नक्सली मार्ग छोड़ने का निर्णय लिया।
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आत्मसमर्पण करने के बाद गीता को “छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति” के तहत 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। इसके अलावा, शासन की पुनर्वास नीति के तहत अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है।
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक उत्तर बस्तर रेंज अमित तुकाराम काम्बले और पुलिस अधीक्षक वाॅय अक्षय कुमार के मार्गदर्शन में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान को इस सफलता से बड़ी ताकत मिली है। इस अभियान में एएसपी (ऑप्स) रूपेष कुमार डाण्डे, डीएसपी (ऑप्स) सतीष भार्गव और अन्य अधिकारियों की भी अहम भूमिका रही।




