नई दिल्ली। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने पर प्रशासन ने बाढ़ का अलर्ट जारी किया है। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से 3.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। अनुमान है कि छोड़ा गया पानी सोमवार शाम 5 से 8 बजे के बीच दिल्ली पहुंचेगा और यमुना का जलस्तर 206 मीटर तक जा सकता है।
स्थिति को देखते हुए ओल्ड यमुना ब्रिज पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है।
मुख्यमंत्री का बयान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार पूरी तरह तैयार है और बाढ़ का पानी यमुना के फ्लडप्लेन तक ही सीमित रहेगा। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में नालों की युद्धस्तर पर सफाई की गई है, जिससे सभी ब्लॉकेज हट चुके हैं। फिलहाल बैराज के सभी गेट खुले हैं और पानी का प्रवाह सुचारू है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यमुना का जलस्तर 207 मीटर या उससे थोड़ा अधिक हो सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि 2023 में आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुंचा था, जिससे भारी बाढ़ की स्थिति बनी थी।




