27 अगस्त से पूरे देश में गणेश उत्सव का आयोजन शुरू हो रहा है। पहले दिन, गणेश चतुर्थी पर, गौरी पुत्र गजानन की स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11.05 बजे से दोपहर 1.40 बजे तक है। इस अवसर पर घरों के अलावा सार्वजनिक स्थलों पर पंडाल बनाकर और भव्य ऑफिर में भी गणपति की स्थापना की जाती है।
शास्त्रों के अनुसार, घर और ऑफिस में गणेश जी की अलग-अलग मूर्ति रखना शुभ माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जीवन में तरक्की, सुख और सफलता के लिए कार्यस्थल पर गणपति की सही मूर्ति का चयन करना महत्वपूर्ण है।
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ऑफिस में गणपति स्थापना के लिए सुझाव:
- घर, ऑफिस या अन्य सार्वजनिक स्थान पर मिट्टी की मूर्ति का उपयोग करना शुभ होता है।
- ऑफिस, दुकान या फैक्ट्री में खड़ी हुई गणपति की मूर्ति रखना उत्तम माना जाता है। यह ऊर्जा, उत्साह, गति और समृद्धि का प्रतीक है।
- गणपति की ऐसी स्थापना कार्यक्षेत्र में सकारात्मक वातावरण बनाए रखती है और कर्मचारियों को अपने लक्ष्य की ओर प्रेरित करती है।
- ऑफिस या दुकान में गणपति को मुख्य द्वार के पास स्थापित करना सौभाग्य, धन और आत्मविश्वास लाने के साथ-साथ वास्तु दोष भी दूर करता है।
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पूजन की विधि:
ऑफिस में गणेश स्थापना के लिए पुजारी से विधिवत पूजन करवाएं। संकल्प लेकर “ऊं गं गणपतये नम:” मंत्र बोलते हुए जल, मोली, चंदन, सिंदूर, अक्षत, फूल, फल, अबीर, गुलाल, हल्दी, मेहंदी, यज्ञोपवित और श्रद्धानुसार अन्य सामग्री चढ़ाएं। इसके बाद गणेश जी को धूप-दीप दर्शन कराएं और आरती करें। ब्राह्मण को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा दें। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑफिस में रोजाना आरती और भोग लगाने से कार्य में सफलता और समृद्धि बढ़ती है।
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