रायपुर। जिला अस्पताल रायपुर स्थित इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी (IPHL) को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (NQAS) का प्रमाणन मिला। इसे देश की पहली IPHL प्रयोगशाला के रूप में मान्यता दी गई है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने राज्य सरकार को बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में गुणवत्ता और भरोसे का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि रायपुर IPHL ने मानव संसाधन, अत्याधुनिक उपकरण और आधुनिक अवसंरचना का सफलतापूर्वक एकीकरण कर राष्ट्रीय मानक हासिल किया है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह प्रमाणन केवल एक प्रयोगशाला की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे जिला अस्पताल की टीम की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य के अन्य जिलों में भी इसी मॉडल पर IPHL विकसित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और विश्वसनीय जांच सेवाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की और बताया कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण प्रयोगशालाओं और डायग्नोस्टिक सेवाओं का विस्तार लगातार किया जाएगा।
विश्लेषक मानते हैं कि रायपुर IPHL का NQAS प्रमाणन राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिरता और विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। हालांकि, जमीनी स्तर पर इसका प्रभाव तब दिखाई देगा जब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सभी नागरिक समय पर और भरोसेमंद जांच सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
कुल मिलाकर, यह उपलब्धि तकनीकी और प्रशासनिक दृष्टि से राज्य के लिए बड़ी है, लेकिन इसकी असली कसौटी सेवा की पहुंच और गुणवत्ता में होगी। रायपुर मॉडल के अन्य जिलों में विस्तार से छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार की दिशा में एक नया अध्याय खुलने की उम्मीद है।




