नई दिल्ली। फेस्टिव सीजन से पहले सोना-चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं। पिछले एक साल में सोना 46% महंगा होकर 1,10,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच चुका है। 2025 में ही इसकी कीमत 40% बढ़ी है। एक साल पहले 24 कैरेट सोने का भाव 75,000 रुपये था। शादी-विवाह जैसे अवसरों पर ज्वेलरी की बढ़ती कीमतों से आम परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है।
कीमतों में हालिया गिरावट
पिछले दो दिनों से सोने की कीमतों में कमी देखी गई है। गुरुवार को 24 कैरेट सोना 500 रुपये सस्ता होकर 1,09,264 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जो मंगलवार के ऑलटाइम हाई 1,10,869 रुपये से 1,600 रुपये कम है। चांदी की कीमत भी दो दिन में 3,500 रुपये गिरकर 1,25,563 रुपये प्रति किलो हो गई।
कीमतों में गिरावट की वजह
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर 4.25% से घटाकर 4% की, जिससे सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ा। टैरिफ का असर भी भारतीय आभूषण निर्यात, खासकर अमेरिका, पर पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये की मजबूती और टैरिफ में राहत से कीमतें नियंत्रित हो सकती हैं।
भविष्य का अनुमान
विशेषज्ञों के अनुसार, फेस्टिव सीजन में सोने की कीमतें 1,10,000 से 1,12,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रह सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3,600-3,700 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस रह सकता है। वैश्विक तनाव कम होने पर कीमत 3,300 डॉलर तक गिर सकती है, यानी भारत में 1 लाख रुपये से नीचे आ सकती है। शॉर्ट टर्म में 5-6% और लॉन्ग टर्म में 10% तक करेक्शन संभव है। चांदी में बड़ी गिरावट की संभावना कम है।




