KHABARWAAD NATIONAL DESK. देश को आइसक्रीम खिलाने वाले रघुनंदन कामत अब हमारे बीच नहीं हैं। नेचुरल्स आइसक्रीम के फाउंडर रघुनंदन कामत ने 75 वर्ष की उम्र में शनिवार को हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। वह बीमारी से जूझ रहे थे। कंपनी ने उनके गुजर जाने की सूचना सोशल मीडिया पर दी है। रघुनंदन कामत को लोग प्यार से आइसक्रीम मैन ऑफ इंडिया भी बुलाते थे।
कंपनी ने सोशल मीडिया पर दी निधन की सूचना
नेचुरल्स आइसक्रीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हमारे बॉस और फाउंडर रघुनंदन कामत ने दुनिया से विदा ले ली है। यह हमारे लिए बहुत दुखद दिन है। नेचुरल्स फैमिली हमेशा उन्हें अपनी यादों में जिंदा रखेगी। कर्नाटक भाजपा के प्रमुख कैप्टन बृजेश चौटा ने भी एक्स पर लिखा कि एक शानदार यात्रा का अंत हो गया है। ‘आइसक्रीम मैन’ के निधन से मैं बहुत दुखी हूं। उन्होंने नेचुरल्स आइसक्रीम को एक जाना माना नाम बनाया है। उन्होंने मुल्की से मुंबई तक का सफर बेहतरीन तरीके से पूरा किया। उनका जीवन हम सभी के लिए एक सबक है। मैं उनके परिवार के लिए शांति की प्रार्थना करता हूं।
फल बेचने वाले परिवार में हुआ था जन्म
आइसक्रीम इंडस्ट्री में रघुनंदन कामत का बहुत सम्मान था। रघुनंदन कामत ने अपनी यात्रा कर्नाटक के एक छोटे से शहर मुल्की से शुरू की थी। उनका जन्म एक फल बेचने वाले परिवार में हुआ था। रघुनंदन कामत भी फलों के व्यापार में अपने पिता की मदद करते थे। उन्होंने 14 वर्ष की उम्र में मुल्की से मुंबई जाने का फैसला किया, जहां वह अपने भाई के रेस्टोरेंट में काम करने लगे।
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आइसक्रीम के साथ बेचते थे पाव भाजी
फरवरी, 1984 में रघुनंदन कामत ने चार कर्मचारियों के साथ मिलकर आइसक्रीम बिजनेस शुरू किया। उन्होंने आइसक्रीम के 12 फ्लेवर के साथ अपना काम शुरू किया। ज्यादा से ज्यादा कस्टमर्स को लाने के लिए वह आइसक्रीम के साथ पाव भाजी भी बेचा करते थे। इससे उन्हें कारोबार में शुरुआती सफलता मिलने लगी। लोगों को जब उनकी आइसक्रीम पसंद आने लगी तो उन्होंने सिर्फ नेचुरल्स आइसक्रीम पर ही फोकस करना शुरू कर दिया। आज नेचुरल्स आइसक्रीम लगभग 400 करोड़ रुपये की कंपनी है। इसके देशभर में 135 आउटलेट भी हैं।




