नई दिल्ली। हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम तब उठाया गया जब उनके आवास से बेहिसाब नकदी मिलने के बाद उन पर कदाचार के गंभीर आरोप लगे।
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संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, लोकसभा के 145 सांसदों और राज्यसभा के 54 सांसदों ने महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को यह हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपा गया।
जानकारी के मुताबिक, जस्टिस वर्मा के खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 124(4) और न्यायिक जवाबदेही कानून के तहत महाभियोग प्रस्ताव लाया गया है। संसद द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन के बाद अब संसदीय जांच समिति के गठन और आगे की संवैधानिक प्रक्रिया की शुरुआत की जाएगी। इस मामले ने न्यायपालिका में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।




