नई दिल्ली। भारत ने जम्मू-कश्मीर में संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए पाकिस्तान को समय रहते आगाह किया है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को पुष्टि की कि यह जानकारी पूरी तरह मानवीय आधार पर साझा की गई है। मंत्रालय के अनुसार, इसका उद्देश्य केवल नागरिकों की सुरक्षा और आपदा से निपटने में सहयोग सुनिश्चित करना है।
सिंधु जल समझौता स्थगन के बाद भी साझा की जानकारी
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता को स्थायी रूप से स्थगित कर दिया था। इस समझौते के तहत भारत को पाकिस्तान को जल प्रवाह से जुड़ा डेटा और तकनीकी जानकारी साझा करनी होती थी। समझौता 1960 से प्रभावी था, लेकिन आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्ती दिखाते हुए इसे रोक दिया था। इसके बावजूद, इस बार बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए भारत ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाया।
पहली बार उच्चायोग से संवाद
यह पहला अवसर है जब इस तरह की जानकारी साझा करने के लिए भारतीय उच्चायोग, इस्लामाबाद के माध्यम का इस्तेमाल किया गया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, रविवार को उच्चायोग ने औपचारिक रूप से पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय को संभावित बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया। पहले इस तरह की सूचनाएं सिंधु जल समझौते के तहत साझा की जाती थीं, लेकिन समझौता स्थगित होने के बाद यह जानकारी कूटनीतिक चैनल के जरिये दी गई।




