विशाखापट्टनम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विशाखापट्टनम में आयोजित 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और योग को वैश्विक संकटों के बीच मानवता के लिए एक ‘पॉज बटन’ करार दिया। उन्होंने कहा कि तेज़ रफ्तार, तनाव और हिंसा से भरी दुनिया में योग इंसान को रुककर सोचने, सांस लेने और खुद को संवारने का अवसर देता है।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी योगाभ्यास किया। इस साल योग दिवस की थीम रही – एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग। पीएम मोदी ने कहा कि “सर्वे भवन्तु सुखिनः” भारत का जीवन दर्शन है, जो पूरे विश्व को जोड़ने का संदेश देता है।
मोदी ने योग को ‘मी से वी’ की यात्रा बताया और कहा कि यह अहंकार को खत्म करता है, व्यक्ति को समाज और विश्व से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया संघर्षों और तनावों से जूझ रही है, ऐसे समय में योग वैश्विक एकता और मानसिक शांति का सशक्त माध्यम बन सकता है।
पीएम मोदी ने इस अवसर पर सभी देशों से आग्रह किया कि वे योग को व्यक्तिगत अभ्यास तक सीमित न रखें, बल्कि इसे वैश्विक साझेदारी और नीति का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि जब जनता किसी लक्ष्य को अपना लेती है, तो उसे हासिल होने से कोई रोक नहीं सकता।
कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर की योग करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उधमपुर में और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में सामूहिक योग सत्र में भाग लिया।
पीएम मोदी ने अंत में कहा कि योग किसी सीमाओं में बंधा अभ्यास नहीं, बल्कि एक सार्वभौमिक जीवन शैली है, जिसे हर व्यक्ति, हर देश को अपनाना चाहिए।




