Kolkata rape-murder case: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गुरुवार तक सीबीआई चीफ जस्टिस के समक्ष कोलकाता रेप केस में अभी तक की गयी जांच की विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी। कोलकाता में मौजूद सीबीआई की एक टीम एडिशनल डिटेक्टर और डीएसपी के नेतृत्व में इस रिपोर्ट को तैयार करने में जुटे हैं, जिसे रात तक पूरा कर सुबह सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करने की कोशिश की जा रही है। अभी तक क्या-क्या हुआ? सीबीआई ने पिछले 6 दिन में डॉक्टर मर्डर रेप केस में दो लोगों से लगातार पूछताछ की। पहला मुख्य आरोपी संजय रॉय दूसरा पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष। सीबीआई ने अस्पताल में जाकर सभी फोरेंसिक जांच की और सबूत इकट्ठा करने की कोशिश की।
सीबीआई के सीएफएसएल टीम के 5 डॉक्टर्स ने संजय रॉय का साइक्लोजिकल टेस्ट किया यानी उसकी मानसिक स्थिति जानने की कोशिश की, जिसकी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई। ये टेस्ट इस लिए करवाया गया, ताकि जांच एजेंसी ये सुनिश्चित कर सके कि क्या आरोपी संजय रॉय के बयानों पर विश्वास किया जा सकता है।
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वारदात में कौन-कौन था शामिल?
Kolkata rape-murder case: सीबीआई ने इस एंगल पर भी जांच की क्या वारदात में अकेले संजय रॉय शामिल था या एक से ज्यादा आरोपी? पिछले 7 दिन में सीबीआई ने अस्पताल यानी क्राइम सीन कई बार विजिट किया और एक्सपर्ट्स के साथ सैंपल इक्कठा किये। साथ ही स्पॉट की मैपिंग भी की गई अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज जिसमे वारदात से पहले और बाद में आरोपी संजय रॉय की मूवमेंट देखी गयी।
Kolkata rape-murder case: उसके आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई क्राइम सीन पर बहुत सारे फुटप्रिंट्स मिले हैं, क्योंकि हत्या के बाद क्राइम सीन को सुरक्षित नहीं रखा गया। इसके अलावा आसपास रेनोवेशन हुआ जिस वजह से काफी एविडेन्स डिस्ट्रॉय होने का शक पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को लेकर सीबीआई दो एंगल पर जांच कर रही है।
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सुप्रीम कोर्ट को क्या-क्या बताएगी सीबीआई:-
- कितने किरदारों के बयान दर्ज हुए?
- आरोपी संजय रॉय ने पूछताछ में क्या-क्या कबूल किया?
- फॉरेंसिक रिपोर्ट में क्या निकला?
- आरोपी के बयान और रिक्रिएशन को कॉलेब्रेट कर क्या निष्कर्ष निकला?
- वारदात में संजय रॉय अकेले ही शामिल था या एक से ज्यादा लोग शामिल थे?
- पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का जांच में रोल?
- कोलकाता पुलिस की जांच में कहां-कहां खामी रही?
- कितने किरदारों की भूमिका संदिग्ध और क्यों? (जैसे कि ASI अरुप दत्ता समेत कई किरदार)
संदीप घोष ने क्यों कहा डॉक्टर ने की सुसाइड?
संदीप घोष ने जल्दबाजी में परिवार को क्यों कहा उनकी बेटी ने सुसाइड कर लिया है? क्या जानबूझकर इस तरह की बात कही गई, जिससे हत्या को छुपाया जा सके, सबूत मिटाने जा सके। आखिर क्यों पुलिस को जानकारी देने से पहले संदीप घोष ने अस्पताल स्टाफ के साथ बैठक की।
पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष ने तुरंत इस्तीफा देकर कही और ज्वाइनिंग क्यों किया? खुद के ऊपर आरोप न लगे कही ऐसी मंशा तो नही थी। सबूतों के साथ छेड़छाड़ के एंगल से भी सीबीआई पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष से पूछताछ कर रही है, कोशिश ये जानने की है कि कहीं वो किसी बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं है।
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वहीं, साइक्लोजिकल टेस्ट के बाद सीबीआई ने संजय रॉय के पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए कोर्ट में एप्लिकेशन दी, जिसे कोर्ट ने मान लिया है, लेकिन ये टेस्ट आरोपी की रजामंदी से ही करवाया जा सकता है, जिसको लेकर अभी तक स्प्ष्ट जानकारी नहीं है कि क्या सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट में पॉलीग्राफी टेस्ट की शुरुआती रिपोर्ट भी शामिल होगी कि नहीं?
अभी तक जांच में क्या निकला, जानें
अभी तक की जांच में क्या निकला? सूत्रों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश करने के लिए जांच एजेंसी सीबीआई जो रिपोर्ट तैयार कर रही है, उसमें इन तमाम बातों का जिक्र हो सकता है–
- वारदात को अकेले संजय रॉय ने अंजाम दिया।
- हॉस्पिटल की सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट में संजय रॉय की वारदात में संलिप्तता के सबूत मिले।
- वारदात के बाद पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की भूमिका संदिग्ध है।
- मौका-ए-वारदात को सुरक्षित नहीं रखा गया।
- FIR दर्ज करने में देरी हुई।
- परिवार को जानबूझकर गलत जानकारी दी गयी।
- कोलकाता पुलिस की जांच के तरीके पर सवाल।
- अस्पताल में कई अनिमितताओं का पता चला है।
- आरजी कार अस्पताल को लेकर की गई शिकायतों को पूर्व प्रिंसिपल द्वारा नजरअंदाज किया गया।




