नई दिल्ली। भारत के चुनाव आयोग ने देश के मतदाताओं के लिए एक नई सुविधा शुरू की है। अब वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने या सुधार के लिए ई-साइन (e-Sign) का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह सुविधा जुलाई-अगस्त में लागू हुई थी और चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इसका राहुल गांधी के हालिया आरोपों से कोई संबंध नहीं है।
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ई-साइन सुविधा क्या है?
चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक ईसीआईनेट पोर्टल और मोबाइल ऐप पर ई-साइन सुविधा शुरू की है। इसके तहत नए वोटर पंजीकरण या नाम में बदलाव/हटाने के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को अपनी पहचान, आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के माध्यम से सत्यापित करना होगा। पहले ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद BLO (बुनियादी निर्वाचन अधिकारी) आवेदक के पास जाकर साइन करवाते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया ऑनलाइन ई-साइन के जरिए पूरी हो सकेगी।
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फर्जी तरीके से नाम हटाने की संभावना घटेगी
सूत्रों के अनुसार, पहले आवेदक किसी भी मोबाइल नंबर के जरिए फॉर्म जमा कर सकते थे, चाहे वह नंबर मतदाता पहचान से जुड़ा हो या नहीं। सत्यापन बाद में BLO करता था। लेकिन अब ई-साइन सुविधा के लागू होने के बाद फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर नाम हटाने या जोड़ने की संभावना काफी कम हो जाएगी।




