आशीष पदमवार
तेलंगाना के मुलुगु जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 20 प्रतिबंधित माओवादियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया। यह कार्रवाई 16 और 17 मई, 2025 को हुई, जब सुरक्षा बलों ने मुलुगु और बीजापुर जिलों में माओवादियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया।
जानकारी के अनुसार, माओवादी समूह ने मुलुगु जिले के वेंकटपुरम, वाजेदु, पेरुरू और बीजापुर जिले के एलिमिडी एवं ओसुरु पुलिस थानों के अंतर्गत कर्रेगुट्टा वन क्षेत्र में आईईडी (बम) लगाए थे, जिससे सुरक्षा बलों को इन क्षेत्रों में घुसने से रोका जा सके। इसके अलावा, माओवादियों ने स्थानीय आदिवासियों और अन्य लोगों को भी इस क्षेत्र में प्रवेश करने से चेतावनी दी थी।
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सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस के केंद्रीय बलों ने इस चुनौती का सामना करते हुए इस इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान, पुलिस ने माओवादी गतिविधियों का पर्दाफाश किया और 20 माओवादियों को गिरफ्तार किया। इनमें से कई माओवादी पार्टी के उच्च पदों पर थे, जिनमें डिवीजन कमेटी सदस्य (डीवीसी) और एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम) शामिल हैं।
गिरफ्तार किए गए माओवादियों से जब्त किए गए हथियारों में 5.56 मिमी इंसास राइफलें, 7.62 मिमी एसएलआर राइफलें, .303 राइफलें, 8 मिमी राइफलें, 12 बोर हथियार कारतूस, और 2 लाइव ग्रेनेड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने भारी मात्रा में गोपनीय सामग्रियाँ भी जब्त की, जिनमें एंटीना के साथ वॉकी-टॉकी, रेडियो, पेनड्राइव, मेमोरी कार्ड, और अन्य उपकरण शामिल हैं।
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पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई मुलुगु और बीजापुर जिलों में माओवादियों की सक्रियता पर एक बड़ी चोट साबित हुई है। पुलिस ने माओवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए यह संदेश दिया है कि इन हिंसक समूहों के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।
मुलुगु जिला पुलिस अधीक्षक ने माओवादियों से अपील की है कि वे आत्मसमर्पण करें और राज्य सरकार द्वारा दी गई आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाएं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि माओवादियों के समर्थन या उनकी मदद करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय लोगों से भी अपील की कि वे माओवादी गतिविधियों में किसी भी तरह की सहायता न करें और कानून के अनुसार उनका सहयोग करें।
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गिरफ्तार माओवादियों का आपराधिक मामला भी सामने आया है, जिसमें वे 2017 से लेकर 2024 तक छत्तीसगढ़ और तेलंगाना राज्यों में विभिन्न हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों की हत्या, हथियारों की लूट और अन्य आतंकवादी हमले शामिल हैं।




