ख़बरवाद डॉट कॉम, रायपुर। राजधानी के माना sos में नाबालिग से दुष्कर्म और उसके प्रेग्नेसी के मामले की गुत्थी सुलझ गई है। नाबालिग बिलासपुर के रहने वाले आदित्य खांडे से प्रेग्नेंट हुई थी। इसका खुलासा मृत बच्चे और आदित्य के लिए गए DNA सैंपल से हुआ है। DNA जांच की रिपोर्ट से यह बात स्पष्ट हुई है। इसकी पुष्टि ASP ग्रामीण ने की है।
आदित्य की गिरफ़्तारी पुलिस ने सरकंडा थाना क्षेत्र के बंधवापारा से की थी। 19 वर्षीय आदित्य SOS से पढ़कर निकला है। पढ़ने के दौरान वह नाबालिग से संपर्क में आया और उनके बीच नजदीकियां बढ़ी। इस बीच उसने मौका पाकर नाबालिग से शारीरिक संबंध बनाये।
इस मामले में एक अन्य SOS कर्मचारी अंजनी शुक्ला भी जेल में है। अंजनी पर भी नाबलिग से दुष्कर्म करने का आरोप है। जब इस मामले का खुलासा हुआ तो मृत बच्चे और अंजनी के डीएनए का जांच कराया गया था, लेकिन डीएनए मिसमैच हो गया।
नाबालिग ने आदित्य पर भी शारीरक संबंध बनाने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया था। अब नाबलिग के मृत बच्चे के साथ आदित्य के डीएनए का सैंपल मैच हो गया है।
क्या है मामला
दरअसल माना थाना क्षेत्र के एसओएस बाल गृहग्राम ने पिछले साल एक नाबालिग दुष्कर्म का शिकार हुई थी। नाबालिग जब 5 माह की प्रेग्नेंट हुई तब बाल गृह के अधिकारियों को इसकी भनक लगी। इसके बाद माना थाना में नामजद एफआईआर दर्ज कराया गया। इस मामले में नाबालिग की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी अंजनी शुक्ला को गिरफ्तार किया था, जो जेल में है। लेकिन जब नाबिलग की डिलवरी हुई तो मृत बच्चे का जन्म हुआ।
इसके बाद पुलिस ने बच्चे का डीएनए जेल में बंद आरोपी अंजनी शुक्ला से कराया जो मिसमैच हो गया। डीएनए की रिपोर्ट मिसमैच होने के बाद बच्चे का पिता कौन है ? साथ ही नाबिलग से दुष्कर्म मामले में अन्य आरोपी के शामिल होने का मुद्दा जोर शोर से उठने लगा। इसके बाद पुलिस ने नाबिलग का फिर बयान लिया था और आदित्य की गिरफ़्तारी की थी।




