नई दिल्ली। जेफरीज की ताजा GREED & fear रिपोर्ट के अनुसार, अगले 12 महीनों में भारतीय शेयर बाजार में 50-70 अरब डॉलर के नए शेयर आएंगे, जो रिटेल निवेशकों के लिए बड़ा इम्तिहान होगा। घरेलू निवेशकों ने अब तक बाजार को संभाला है, लेकिन यह सप्लाई शॉक उनकी लिक्विडिटी, भरोसे और धैर्य की परीक्षा लेगा।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
हाल के हफ्तों में विदेशी निवेशक (FII) नेट सेलर बने हैं, जिससे बोझ भारतीय रिटेल निवेशकों पर आ गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बाजार की गहराई बढ़ी है, लेकिन इतनी बड़ी सप्लाई को झेलना चुनौतीपूर्ण होगा।
सप्लाई का स्रोत
यह सप्लाई आईपीओ की लंबी कतार, प्राइवेट इक्विटी के एग्जिट और प्रमोटरों की स्टेक बिक्री से आ रही है। कंपनियां मौजूदा ऊंचे वैल्यूएशन का फायदा उठा रही हैं। एमएससीआई इंडिया इंडेक्स 22 गुना फॉरवर्ड अर्निंग्स पर ट्रेड कर रहा है, जबकि फाइनेंशियल्स को छोड़कर 25 गुना। स्मॉल और मिड-कैप सेगमेंट्स में वैल्यूएशन पहले से ही बुलबुले जैसे हैं, और ज्यादातर नई इश्यूज इन्हीं सेगमेंट्स में हैं।
वैश्विक और घरेलू चुनौतियां
अमेरिकी ब्याज दरों की अनिश्चितता और घरेलू मुद्रास्फीति जैसे मुद्दे बाजार को और चुनौती देंगे। रिटेल निवेशकों की क्षमता इस बड़े पैमाने की सप्लाई को संभालने में महत्वपूर्ण होगी।




