रायपुर। छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्सों में आगामी तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) राज्य में वर्षा और तूफानी मौसम के लिए अनुकूल स्थितियां बना रहा है। इसका असर प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। राजधानी रायपुर में मंगलवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई।
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चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट, नौ जिलों में यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर और रायगढ़ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बस्तर, गरियाबंद, महासमुंद, कोरिया, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम), मुंगेली, बिलासपुर, कोरबा और सरगुजा में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ-साथ वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है।
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मानसून इस बार लंबा रह सकता है
इस वर्ष मानसून ने सामान्य तिथि 1 जून से पहले ही दस्तक दे दी थी। 24 मई को मानसून केरल पहुंच गया था, जो सामान्य समय से 8 दिन पहले है। मानसून की वापसी की सामान्य तिथि 15 अक्टूबर मानी जाती है। यदि मानसून इस साल तय समय पर लौटता है, तो इसकी कुल अवधि 145 दिन हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस दौरान मानसून ब्रेक की स्थिति नहीं बनती है, तो पहले आगमन का फायदा पूरे देश को मिल सकता है।




