Raipur Firing Case: रायपुर में पीआरए ग्रुप के दफ्तर के बाहर फायरिंग के मामले में झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साव की न्यायिक रिमांड 14 दिन बढ़ाकर 11 नवंबर तक कर दी गई है। तेलीबांधा रिंग रोड पर स्थित पीआरए ग्रुप के डायरेक्टर प्रहलाद राय अग्रवाल से लेवी वसूली के इरादे से यह पूरी साजिश रची गई थी। अमन साव ने जेल में रहते हुए अपने गैंग के सदस्यों को निर्देशित किया था कि प्रहलाद राय को धमकाने के लिए उनके दफ्तर के बाहर फायरिंग की जाए, जिससे वह दबाव में आकर लेवी देने को मजबूर हो जाएं। इस साजिश के तहत गैंग के सदस्यों ने जुलाई महीने में तेलीबांधा स्थित दफ्तर के बाहर गोलीबारी की थी।
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इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू की और धीरे-धीरे इस साजिश की कड़ियां जुड़ती चली गईं। जांच के दौरान यह भी पता चला कि इस गैंग ने एक कोल व्यापारी की हत्या की साजिश भी रची थी, ताकि व्यापारियों में डर का माहौल बना रहे और वे बिना किसी विरोध के उनकी मांगों को मान लें। पुलिस ने इन मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 12 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है।
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पुलिस ने रिमांड बढ़ाने कोर्ट में लगाया था आवेदन
Raipur Firing Case: तेलीबांधा पुलिस ने गैंगस्टर अमन साव को कोर्ट में पेश न करके उसकी रिमांड बढ़ाने का आवेदन लगाया था। इस पर कोर्ट ने सीजीएम के सामने मामला रखा और सीजीएम कोर्ट ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए अमन साव की रिमांड 11 दिन के लिए बढ़ा दी। अब अमन साव 11 नवंबर तक रायपुर जेल में ही रहेगा।
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Raipur Firing Case: पुलिस ने बताया कि अमन साव जैसे खतरनाक अपराधियों का उद्देश्य व्यापारियों से लेवी वसूलना और डर का माहौल बनाना है, जिससे वह अपने गैंग की गतिविधियों को जेल में रहते हुए भी जारी रख सके। यह मामला रायपुर शहर के व्यापारिक क्षेत्र में बढ़ते अपराध और अपराधियों की हिम्मत को भी उजागर करता है। पुलिस ने सुरक्षा को लेकर भी कई कदम उठाए हैं और सभी व्यापारियों को भरोसा दिलाया है कि वे किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव में आए बिना पुलिस की सहायता ले सकते हैं।
तेलीबांधा फायरिंग केस और कोल व्यापारी हत्याकांड में जांच अभी भी जारी है, और पुलिस अन्य संदिग्धों की भी तलाश कर रही है। इन घटनाओं के बाद से पुलिस ने शहर में निगरानी बढ़ा दी है, और व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।




