आशीष पदमवार
बीजापुर। सर्व आदिवासी समाज द्वारा जिले में एक ऐतिहासिक और गरिमामय आयोजन कर नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का भव्य सम्मान किया गया। इस समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर सरपंच और पंच तक सभी जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह के दौरान सभी प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि अब बीजापुर के विकास की दिशा गांव स्वयं तय करेंगे। पेसा कानून और पंचायत राज अधिनियम के अंतर्गत ग्राम सभाएं अपनी विकास योजनाएं स्वयं तैयार करेंगी और उन्हें पंचायतों के सहयोग से लागू भी करेंगी। वक्ताओं ने पेसा कानून के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह कानून विशेष रूप से दूरस्थ और वन क्षेत्रों के लिए वरदान है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।
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प्रतिनिधियों को ग्राम सभा के अधिकारों, जैसे – वनोपज पर स्वामित्व, भूमि अधिग्रहण में सहमति, गौण खनिजों पर अधिकार, संसाधन प्रबंधन समितियों के गठन और रेत खदानों के संचालन जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। मुख्य वक्ता अश्वनी कांगे ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि जनसेवा एक सौभाग्य है, जिसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाना चाहिए। उन्होंने ग्राम सभा को सर्वोच्च बताते हुए कहा कि योजनाएं बनाना, लाभार्थियों का चयन करना और संसाधनों का उपयोग तय करना ग्राम सभा का अधिकार है।
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समाज प्रमुख प्रकाश नेताम ने तेंदूपत्ता संग्रहण एवं अन्य वन उपज को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए आय के स्रोतों को बढ़ाने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और सर्व आदिवासी समाज दंतेवाड़ा जिला अध्यक्ष सुरेश कर्मा ने इस आयोजन को “बीजापुर के विकास का नया युग” बताया। उन्होंने कहा कि अब गांव अपनी तरक्की की कहानी स्वयं लिखेंगे।
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कार्यक्रम में संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर, जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी, और जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने भी सभा को संबोधित किया और ग्राम स्तर पर शासन की भागीदारी को बढ़ाने की बात कही। इस अवसर पर जिले के सभी जिला पंचायत सदस्य, चारों जनपद अध्यक्ष एवं सदस्यगण, सैकड़ों सरपंच-पंच, सर्व आदिवासी समाज की ब्लॉक इकाइयों के अध्यक्ष, विभिन्न प्रभागों के सामाजिक पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।




