BIJAPUR NEWS: आशीष पदमवार। बीजापुर जिला मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मुसालूर के अंतर्गत आने वाला गांव तुरनार इन दिनों नलजल योजना की विफलता और प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बना हुआ है। राज्य सरकार की बहुचर्चित नलजल योजना के अंतर्गत गांव में पानी की टंकी और सप्लाई लाइन के निर्माण पर लाखों रुपए खर्च किए गए। योजना की कुल लागत 1.55 करोड़ रुपये बताई गई है, जिसमें से अब तक 99 लाख रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।
इसके बावजूद, आज भी तुरनार गांव के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। ग्रामीणों को कई सौ मीटर दूर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। गांव की महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों और विभाग को दी, लेकिन किसी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
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अब ग्रामीणों का सब्र जवाब दे चुका है और वे खुलकर नाराजगी जता रहे हैं। उनका कहना है कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए उन्हें बार-बार गुहार लगानी पड़ रही है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। हालात ये हैं कि गांव के कई लोग रोजी-रोटी कमाने तक नहीं जा पा रहे, क्योंकि दिन का अधिकांश समय पानी ढोने में ही निकल जाता है।
इस मामले में पूछे जाने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) एस.आर. नेताम ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दो दिन के भीतर एक टीम भेजकर मौके का निरीक्षण करवाया जाएगा और संबंधित ठेकेदार को बुलाकर जांच की जाएगी।
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अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या मीडिया में खबर आने के बाद पीएचई विभाग हरकत में आता है या फिर यह योजना भी अन्य योजनाओं की तरह भ्रष्टाचार की बलि चढ़ जाएगी।




