सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा के निवेशकों को राशि डबल करने का झांसा देकर करीब 17 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। पुलिस ने कंपनी के जोनल मैनेजर की झारखंड के रांची से गिरफ्तार किया है। चिटफंड कंपनी को RBI ने राशि जमा कराने के लिए कोई भी अनुमति नहीं दी गई थी। मामले की शिकायत पर चार माह पूर्व FIR दर्ज की गई थी।
बताया जा रहा है कि वेलफेयर बिल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर अंबिकापुर में कार्यालय खोलकर सरगुजा के निवेशकों से ठगी की।
जानकारी के मुताबिक, सरगुजा में साल 2007 से 2016 तक कार्यरत रही चिटफंड कंपनी वेलफेयर बिल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड निवेशकों के करीब 17 करोड़ रुपए लेकर गायब हो गए। कंपनी ने एजेंटों के माध्यम से पांच सालों में राशि दोगुना करने का झांसा देकर रकम जमा कराई।
निवेशकों को बॉन्ड भी बांटे गए थे। निवेशकों ने 8 साल बाद भी राशि वापस नहीं मिलने पर एजेंटों पर दबाव बनया तो एजेंटों ने इसकी शिकायत सरगुजा एसपी से की। मामले में सरगुजा ASP अमोलक सिंह ने बताया कि पुलिस ने कंपनी के जोनल मैनेजर विनीत कुमार पांडेय (52) को झारखंड के रांची से गिरफ्तार किया है।
आरोपी ने घटना कारित करना स्वीकार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। प्रकरण में अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।




