रायपुर। यह महज इत्तफाक हो सकता है कि विश्व मजदूर दिवस पर छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का श्रमवीरों को समर्पित एक भी कार्यक्रम नहीं रखा गया है। हालांकि उन्होंने प्रदेश भर के मजदूरों को श्रम दिवस की बधाई दी है।

इससे इतर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का मजदूरों को समर्पित दो कार्यक्रम है। इसकी शुरुआत दुर्ग के राजीव भवन से करेंगे। इसके बाद भूपेश बघेल खैरागढ़ के अवेली में बोरे बासी तिहार कार्यक्रम में शामिल होंगे।

भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री रहते हुए मजदूरों की मेहनत को ध्यान में रखते हुए विश्व मजदूर दिवस पर बोरे बासी दिवस के रूप मनाने का ऐलान किया था। पूर्व सीएम बघेल का कहना था कि छत्तीसगढ़ का मजदूर रात का बचा हुए चावल को भिंगों का सुबह बासी खाकर शाम में निकलता है और दिन भर कड़ी परिश्रम करने के बाद दो दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करके फिर लौटता है।
इस सीएम दिन पूर्व सीएम बोरे बासी खाकर सीएम आवास से निकलते थे। इसके साथ उनका पूरा मंत्री मंडल समेत विधायक और प्रशासनिक अधिकारी भी बोरे बासी खाकर अपने – अपने काम में निकलते थे। इसके अलावा सीएम मजदूरों के साथ मुलाकात करते हुए अनेकों कार्यक्रम भी करते थे।
मजदूर दिवस पर सीएम साय ने ये कहा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रमिकों के सुखद, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि एक मई का दिन उन मेहनतकश हाथों को सम्मान देने का अवसर है, जो अपने परिश्रम और समर्पण से समाज व राष्ट्र की प्रगति को आधार देते हैं।
साय ने आगे कहा कि श्रमिक समाज के अभिन्न अंग हैं और किसी भी समावेशी विकास यात्रा की नींव श्रमिकों के परिश्रम पर टिकी होती है। राज्य सरकार श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक उन्नति के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल के माध्यम से श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए कई जनहितकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। शासन के प्रयासों से केवल श्रमिकों को ही नहीं बल्कि उनके परिजनों को भी सम्मानजनक और समृद्ध जीवन जीने हेतु संबल प्राप्त हो रहा है।




