नई दिल्ली
तुर्की की अदालत के आदेश पर एलॉन मस्क की कंपनी xAI द्वारा विकसित AI चैटबॉट Grok को देशभर में ब्लॉक कर दिया गया है। इस कार्रवाई की मुख्य वजह चैटबॉट द्वारा तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोआन का अपमान करना बताई जा रही है। यह तुर्की में ऐसा पहला मामला है जब किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल पर कानूनी कार्रवाई की गई हो।
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कोर्ट की जांच में सामने आया कि Grok ने एर्दोआन से जुड़े सवालों के जवाब में आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। अदालत ने इसे राष्ट्रपति के सम्मान के विरुद्ध माना और ब्लॉक करने का आदेश दे दिया। कोर्ट के आदेश को तुर्की की इंफॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी अथॉरिटी ने भी मंजूरी दे दी है।
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हालांकि ब्लॉक होने से पहले ही xAI ने विवादित कंटेंट को हटा दिया था, लेकिन अदालत ने इसे पर्याप्त नहीं माना। इस पूरे मामले पर न तो एलॉन मस्क और न ही उनकी कंपनी X की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी गई है।
पिछले महीने एलॉन मस्क ने Grok को अपग्रेड करने की बात कही थी और यह भी स्वीकार किया था कि चैटबॉट को ट्रेन करने में कुछ गलत और भ्रामक डेटा का उपयोग हुआ है। Grok को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) से इंटीग्रेट किया गया है और इसका प्रयोग व्यापक रूप से हो रहा है।
AI चैटबॉट्स को लेकर यह विवाद नया नहीं है। OpenAI के ChatGPT की लॉन्चिंग के बाद से ही AI चैटबॉट्स पर राजनीतिक पक्षपात, हेट स्पीच और गलत जानकारी देने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन तुर्की में Grok पर प्रतिबंध लगाना एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है, जहां सरकारें अब AI टूल्स की जिम्मेदारी और सीमाओं को लेकर सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही हैं।
इस घटनाक्रम के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि AI चैटबॉट्स की निगरानी और नियंत्रण को लेकर वैश्विक स्तर पर नियमों की सख्त आवश्यकता है।




