नई दिल्ली। एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन दाखिल कराने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले प्रस्तावक बने, जबकि गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और कई अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।
नामांकन से पहले राधाकृष्णन ने संसद परिसर में स्थित गांधी प्रतिमा पर फूल अर्पित किए। नामांकन प्रक्रिया के दौरान एनडीए की एकजुटता भी साफ दिखी। बीजेपी और सहयोगी दलों के सांसदों में प्रफुल्ल पटेल, चिराग पासवान, ललन सिंह, जीतन राम मांझी, किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद रहे।
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उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 9 सितंबर को वोटिंग होगी, वहीं उसी दिन मतों की गिनती भी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है और उम्मीदवार 25 अगस्त तक अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकते हैं। सीपी राधाकृष्णन का मुकाबला विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी से होगा, जो 21 अगस्त को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। खास बात यह है कि दोनों उम्मीदवार दक्षिण भारत से हैं।
बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए ने रविवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया था। यह घोषणा बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद की गई थी, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। उनके नाम के ऐलान के बाद सहयोगी दलों ने भी उनके समर्थन की घोषणा की।
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सीपी राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर
तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे 68 वर्षीय राधाकृष्णन चार दशक से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने 1974 में भारतीय जनसंघ के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी जुड़े रहे। वह 1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए। इसके अलावा वह तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष, झारखंड और तेलंगाना के राज्यपाल, और पुडुचेरी के उपराज्यपाल रह चुके हैं।




