रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा है कि सत्यनारायण शर्मा कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद भी प्रदेश की कांग्रेस सरकार यदि स्काई वॉक के निर्माण को रोककर रखती है तो 2023 में भाजपा की सरकार आने पर इसका निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाएगा। मूणत आज मंगलवार की अपराह्न एकात्म परिसर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। मूणत ने कहा कि सिर्फ स्काई वॉक के मुद्दे को लेकर मनगढ़ंत आरोप लगाकर कांग्रेस की सरकार ने शहर के विकास को अवरुद्ध करने की कोशिश की है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मूणत ने कहा कि 2019 में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में स्काई वॉक को लेकर हुई एक बैठक में आए तकनीकी सुझावों समेत अन्य सभी सुझावों तथा विभागीय प्रतिवेदन के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने स्काई वॉक के काम को जहाँ-के-तहाँ रोकने का निर्णय लिया। एक ही मुद्दे को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा तीन-तीन कमेटियाँ गठित करना भी अपने-आप में एक इतिहास ही है। श्री मूणत ने कहा कि सत्यनारायण शर्मा कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद यह बात स्पष्ट हो गई कि 67 फीसदी जनता ने स्काई वॉक के पक्ष में अपना अभिमत व्यक्त किया है। लेकिन विकास के नाम पर प्रदेश सरकार ने नींव की एक ईंट भी अपने पूरे कार्यकाल में नहीं रखी क्योंकि विकास की जिस अवधारणा के साथ प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में काम किया वह सोच और दृष्टिकोण प्रदेश की मौजूदा बघेल सरकार के पास है ही नहीं। श्री मूणत ने कटाक्ष किया कि मुख्यमंत्री बघेल जिस मार्ग से रोज आना-जाना करते हैं, उस मार्ग पर साढ़े चार साल में एक फ्लाई ओवर का निर्माण तक नहीं करा सके। उनका पूरा कार्यकाल राजनीतिक प्रतिशोध भाजने में ही बीता और वे लगातार उन्हें (श्री मूणत को) टार्गेट करते रहे हैं। फर्जी सीडी काण्ड के अभियुक्त मुख्यमंत्री हमेशा प्रतिशोधवत् टिप्पणियाँ करते हैं लेकिन उन्हें इस बात का पूर्ण विश्वास है कि अदालत में जीत सत्य की होगी और फैसला उनके (श्री मूणत के) पक्ष में ही आएगा। मूणत ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही सबसे पहले उनकी सुरक्षा हटाई गई थी। लेकिन वह (श्री मूणत) जनता के बीच रहने वाले नेता हैं और उन्हें इस बात का भय नहीं है।
पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश मूणत ने कहा कि राजधानी रायपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट और यातायात को लेकर व्यवस्थित करने को लेकर एक योजना बनाई गई थी जिसमे स्काईवॉक बनाने की बात हुई, जिसको लेकर कांग्रेस की सरकार छत्तीसगढ़ में आने के उपरांत लगातार सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर जनता को गुमराह करना, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप करना, आम जनमानस की सुविधा रोकने के लिए कांग्रेस की सरकार ने अनेक काम किए हैं। स्काईवॉक एक ऐसा विषय था जिसको लेकर आम जनता को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं थी । लेकिन कुछ राजनेता अपनी राजनीतिक रोटी सेकने के लिए द्वेष बैर दिखाकर इसे रोक रखें है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपने साढ़े 4 वर्ष के कार्यकाल में शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर के कोई नीव नहीं रखी।
पूर्व मंत्री व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश मूणत ने कहा कि जिनकी कोई सोच नहीं है, जिनकी कोई दूर दृष्टि नहीं है ऐसे प्रदेश के मुखिया एवं उनके सहयोगी व शहर के विधायक पूरी कांग्रेस पार्टी सपने में भी स्काईवॉक की कल्पना नहीं कर सकती। भाजपा की सरकार ने रायपुर शहर को संवारा, उसका सौन्दरीकरण कर सुंदर बनाया, राजधानी के अनुरूप शहर के लिए व्यवस्था सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि चाहे अंडरब्रिज की बात हो या फिर फ्लाईओवर की बात, एक्सप्रेसवे की बात हो या फिर ऑडिटोरियम या नालंदा परिसर हो, तालाब का सौन्दरीकरण हो, शहर के चारों तरफ भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने शहर के विकास को बढ़ाने का काम किया। स्काईवॉक को लेकर कांग्रेस पार्टी आरोप-प्रत्यारोप तक ही नहीं, मनगढ़ंत आरोप के साथ शहर के विकास को अवरुद्ध करने की कोशिश की।
पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में स्काईवॉक को लेकर एक बैठक होती है । उस बैठक में सभी लोगों का सुझाव आया। जिसमें टेक्निकल सुझाव भी आता है। विभाग का प्रतिवेदन भी आता है। विभाग के मंत्री अपनी बात को रखते हैं। जनप्रतिनिधि भी अपनी बात को रखते हैं। उस समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल घोषणा करते हैं कि इस काम को जहां पर है वहीं पर रोक दिया जाए। उस समय घोषणा के बाद राज्य सरकार एक आदेश निकालती है कि जांच के लिए तीन कमेटियों का गठन होगा , यह भी अपने आप में इतिहास रचने वाली बात है। जनप्रतिनिधियों की एक कमेटी बनती है जिसमें लोकल विधायक, जनपद, जिला पंचायत सब लोगों को इसमें जोड़ते हैं। उसके अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा जी को बनाया जाता है। एक प्रशासनिक कमेटी गठित होती है जो प्रशासनिक कमेटी सीनियर आईएएस की अध्यक्षता में होती है। तीसरी कमेटी गठित होती है जिसमें अपर सचिव लोक निर्माण विभाग, विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग की समिति गठित होती है। यह तीनों कमेटियां कांग्रेस सरकार अपने हिसाब से गठन करते हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश मूणत ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सर्वे रिपोर्ट कमेटी के बाद में राज्य सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करते हैं। जिस बात को वरिष्ठ कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा ने विधानसभा में कहा कि मैंने जनप्रतिनिधियों की रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत कर दिया है। उस समय का जो सर्वे है, जो डाटाएंट्री है, उस समय के जो ठेकेदार है, जो तकनीकी क्षेत्र के जानकार है, उन सभी का अभिमत आता है। इसमें विभिन्न लोगों ने अपने विचार दिए।सत्यनारायण शर्मा ने जनमत के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमें 67 प्रतिशत जनता ने कहा कि स्काईवॉक उपयोग होना चाहिए। सर्वे आने के बाद विधानसभा में स्काईवाक का निर्णय अब सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि जब जनता चाहती है इसका उपयोग होना चाहिए। तो जनहित में और राजधानी के हित में स्काईवॉक का प्रयोग यह सरकार क्यों नहीं करना चाहती है? व्यक्तिगत लड़ाई को लेकर प्रदेश सरकार, शहर के विकास को अवरुद्ध करना चाहती है। अब सभी प्रकार के सर्वे रिपोर्ट आने के बाद सरकार की मंशा स्काईवॉक का उपयोग करने की नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि अगर स्काईवॉक में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी है तो सरकार किसी स्वतंत्र एजेंसी से इसकी जांच करा लें। रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में इसकी जांच कराने हम इसका स्वागत करते हैं। लेकिन शहर की जनता के लिए जो बना हुआ है उसका उपयोग जनता करे उस पर निर्णय करें। लेकिन यह सरकार निर्णय नहीं कर रही है।




