रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से लंबित प्राचार्य पदोन्नति मामले में आज बड़ा अपडेट सामने आया है। बिलासपुर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में लंबित याचिका WPS 3997/2025 — नारायण प्रकाश तिवारी बनाम छत्तीसगढ़ शासन की सुनवाई आज सुबह न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की कोर्ट में होनी थी, लेकिन याचिकाकर्ता की अधिवक्ता के स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह 10:40 बजे तक अदालत में उपस्थित नहीं हो सकीं।
इस बीच प्राचार्य पदोन्नति फोरम की ओर से इंटरवीनर याचिका के अधिवक्ता आलोक बख्शी और राहुल झा कोर्ट में उपस्थित हुए और इस केस को दोबारा सुनने के लिए निवेदन किया। न्यायमूर्ति अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसे आज ही फाइनल डिस्पोजल के लिए दोपहर 4 बजे सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।
गौर करने वाली बात यह है कि यह केस सुनवाई के लिए सूची में 104वें स्थान पर था, लेकिन विशेष प्रयासों के बाद इसे पांचवें नंबर पर मेंशन कराकर सूची में लाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अब इस मामले के निपटारे की दिशा में निर्णायक पहल हो रही है।
छत्तीसगढ़ प्राचार्य पदोन्नति फोरम के संयोजक अनिल शुक्ला ने बताया कि यदि आज यह मामला अंतिम रूप से निपट जाता है तो शासन द्वारा प्राचार्य पदस्थापना की प्रक्रिया का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। यह निर्णय सैकड़ों वरिष्ठ व्याख्याताओं के भविष्य को सीधे प्रभावित करेगा, जो वर्षों से प्राचार्य बनने की प्रतीक्षा में हैं।




