Khabarwaad Surajpur. देश में लोकसभा चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से धर्मांतरण का मामला जोर पकड़ने लगा है। हिन्दू संगठनों के द्वारा लगातार अलग-अलग जिले में इसका विरोध किया जा रहा है। इस मामले को लेकर कल सूरजपुर जिले में तीन घंटे तक हिंदू संगठनों के द्वारा हाइवे पर चक्काजाम किया गया था।
दरअसल, 4 फरवरी को सूरजपुर जिले के दर्रिपारा में चंगाई सभा का आयोजन किया गया था धर्मांतरण का आरोप लगाकर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था। मामले में पुलिस ने चंगाई सभा आयोजित करने वाले 4 लोगों पर धारा 107, 16 के तहत प्रतिबंधात्म कार्रवाई की थी। वहीं अन्य लोगों पर कार्रवाई नहीं करने पर चक्काजाम की चेतावनी हिंदू संगठनों ने 12 फरवरी को दी थी। अंबिकापुर-बनारस मुख्यमार्ग पर दोपहर करीब 12 बजे पहुंचे हिंदूवादी संगठन के लोगों ने मुख्यमार्ग पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना पर प्रतापपुर एसडीएम दीपिका नेताम, एसडीओपी पुलिस अरुण नेताम और नायब तहसीलदार राधेश्याम तिर्की मौके पर पहुंचे।
इस मामले में थाना प्रभारी नीलिमा तिर्की पर ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाकर उन्हें हटाने की मांग पर आंदोलनकारी अड़े रहे। कार्रवाई करने के आश्वासन पर कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ कर धरना प्रदर्शन और चक्काजाम समाप्त किया। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने एसडीओपी अरुण नेताम को चंदौरा थाने में ज्ञापन भी सौंपा गया है। जिसमें चंगाई सभा की आड़ में चंदौरा थाना क्षेत्र के दवनकरा दर्रीपारा, सेमरा खुर्द, सिंघरी, मटीगड़ा और अन्य गांवों में लोगों को झूठे चमत्कार दिखाकर और प्रलोभन देकर उनका मतांतरण करने का आरोप लगाया है। इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
इधर, इसी मंगलवार को दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर क्षेत्र स्थित ERID के एक चर्च में मंगलवार रात कार्यक्रम चल रहा था। आरोप है कि इस दौरान छत्तीसगढ़ बजरंग दल कार्यकर्ता घुस आए और मारपीट शुरू कर दी। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और चर्च के पास्टर को कोतवाली ले गई। इसके बाद रात करीब 11.30 बजे मसीही समाज के सैकड़ों लोग दुर्ग कोतवाली पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। थाने के घेराव की सूचना पर दूसरे थानों की फोर्स भी पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह से लोगों को शांत कराया, लेकिन वे कार्रवाई की मांग पर अड़े थे।
मसीही समाज ने छत्तीसगढ़ बजरंग दल की पदाधिकारी ज्योति शर्मा और प्रफुल्ल पटेल सहित अन्य के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। आरोप लगाया कि बजरंग दल का पुलिस साथ दे रही है। हालांकि CSP ने उन लोगों को समझाकर शांत कराया और कार्रवाई का आश्वासन दिया।




