Big Breaking News in CG: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में डायरिया और मलेरिया रोजाना कहर बरपा रहा है। जिले में डायरिया के 34 एक्टिव केस और डायरिया के 548 केस हैं। मलेरिया से 4 की मौत हो चुकी है। वहीं डायरिया से एक की जान गई है। कुल 582 मरीज हैं, जिसमें से अब तक 5 लोगों ने दम तोड़ा है। मलेरिया प्रभावित गावों में स्थिति और भी बिगड़ती जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक कोटा मलेरिया का हॉट स्पॉट है। यहां 34 मरीज हैं, जिसमें 4 की मौत हुई है। कोटा में डायरिया के 70, बिल्हा में डायरिया के 20, मस्तूरी में डायरिया के 30, सकरी में डयारिया के 150, रतनपुर में डायरिया के 208 और बिलासपुर शहर में डायरिया के 70 केस हैं।
चार दिन के भीतर चार मौत हो चुकी
Big Breaking News in CG: मलेरिया से कोटा ब्लॉक में चार दिन के भीतर चार मौत हो चुकी है। अभी तक 34 मलेरिया मरीज मिल चुके हैं। शनिवार को सात नए मरीजों की पहचान की गई है। मौजूदा स्थिति में सिम्स में 10 मरीज के साथ कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी 10 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं।
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इलाज के लिए सिम्स में भर्ती कर किया जा रहा
शनिवार को कोटा के ग्राम केंदा में एक, कुपाबांधा में एक, करवा में दो, जूनापारा में एक और झरिया में दो नए मरीज मिले हैं। इन्हें इलाज के लिए सिम्स में भर्ती कर किया जा रहा है। कोटा ब्लॉक के दर्जनभर से ज्यादा गांवों में मलेरिया के मरीज मिल चुके हैं।
ग्राम करवा में दो भाइयों की मौत
Big Breaking News in CG: बीते बुधवार को टेंगनमाड़ा के आश्रित ग्राम करवा में दो भाइयों की मौत के बाद गुरुवार को ग्राम पंचायत सिलपहरी के आश्रित ग्राम कारीमाटी में भी दो सगे भाइयों की मौत हो गई है। 16 से 20 जुलाई तक की स्थिति में कुल 34 मरीज मिल चुके हैं, जिनमें चार मौत भी शामिल हैं।
130 से ज्यादा लोगों का मलेरिया टेस्ट
शनिवार को प्रभावित क्षेत्र में मौजूद टीम ने सर्वे किया है। तकरीबन 130 से ज्यादा लोगों का मलेरिया टेस्ट किया गया है। इनकी रिपोर्ट आना बाकी है। कोटा के ग्राम कुरदर, लमेर, आमागोहन, कारीमाटी, टांटीधार के साथ खोंगसरा मलेरिया को लेकर अति संवेदनशील बने हुए हैं। दिनोदिन कोटा क्षेत्र में स्थिति बिगड़ते ही जा रही है।
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पहले दिन बेलगहना और सिलपहरी में 300 लोगों की जांच
मलेरिया और डायरिया को काबू में लाने के लिए प्रभावित क्षेत्र में मरीजों की पहचान व उनका इलाज करने के लिए शहरी क्षेत्र से एक मोबाइल मेडिकल वाहन रवाना किया गया। इसमें डाक्टर, नर्स सहित पर्याप्त मात्रा में दवाइयां और जांच किट रखा गया है, ताकि मौके पर ही पीड़ितों का इलाज हो सके। साथ ही ज्यादा प्रभावित और संवेदनशील ग्रामों में शिविर लगाकर लोगों की जांच और मुफ्त दवाइयां बांटने का काम भी इस मोबाइल मेडिकल यूनिट से किया जाएगा।
126 लोगों की मलेरिया जांच की गई
CMHO डॉ. प्रभात श्रीवास्तव ने बताया कि मोबाइल मेडिकल वाहन कोटा ब्लाक के बेलगहना और केंदा के सिलपहरी गांव में पहुंचा और दोनों जगहों में स्वास्थ्य शिविर में 300 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसमें 126 लोगों की मलेरिया जांच की गई। इनमें दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उन्हें सिम्स में रेफर किया गया है।
रतनपुर में नहीं संभल रहा डायरिया
बिलासपुर के रतनपुर में डायरिया की स्थिति पूरी तरह से बिगड़ गई है। रोजाना मरीज मिलने का सिलसिला चालू है। शनिवार को 15 मरीज मिले हैं। यहां एक सप्ताह के भीतर 256 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 43 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं एक दर्जन से ज्यादा की हालत गंभीर बनी हुई है।
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जिले के अन्य क्षेत्रों में भी प्रकोप
जिले के अन्य क्षेत्र बिल्हा और कोटा के गांव में भी डायरिया के मरीज मिल चुके हैं। यहां तकरीबन दर्जनभर गांव में 200 से ज्यादा डायरिया मरीज मिल चुके हैं और नए मरीज मिल रहे हैं। जल्द ही स्थिति को नियंत्रण में नहीं लाया गया तो आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में लोग डायरिया से पीड़ित हो सकते हैं।
अस्पताल में आने लगे मामले
सिम्स और जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त के मामले सामने आने लगे हैं। इसे डायरिया से जोड़कर देखा जा रहा है। हर साल वर्षा ऋतु में उल्टी, दस्त के मरीज बढ़ते हैं। ध्यान नहीं देने पर इसके मामले बढ़ने की आशंका भी अधिक रहती है। ऐसे में जिन भी क्षेत्रों से मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, वहां पर भी सर्वे टीम को भेजा जा रहा है।
शहरी क्षेत्र भी संवदेनशील
शहरी क्षेत्र में 27 छोटे स्लम एरिया है। जो डायरिया के लिए संवदेनशील है। शहर के तालापारा, तारबाहर, सिरगटटी, तोरवा क्षेत्र से भी हर साल इसके मामले सामने आते हैं। शहरी क्षेत्र में फैला तो सैकड़ों लोग इसके चपेट में आकर बीमार पड़ सकते हैं।
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मलेरिया और डायरिया पीड़ितों के लिए सिम्स और जिला अस्पताल में बढ़ेंगे 25 बेड
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर अवनीश शरण ने शनिवार को सिम्स और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान मलेरिया व डायरिया पीड़ित मरीजों से मुलाकात की और बेहतर इलाज करने के निर्देश चिकित्सकों को दिए। उन्होंने यहां मलेरिया और डायरिया के मरीजों के लिए बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि पहुंचने वाले मरीज के इलाज में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।




