GST Fraud: छत्तीसगढ़ में जीएसटी चोरी करने और फर्जी तरीके से आईटीसी का लाभ लेने वालों के खिलाफ अब सरकार अभियान चलेगा। बता दे कि फर्जी तरीके से आईटीसी का लाभ लेने वालों के खिलाफ 16 अगस्त से 15 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया गया है। दरअसल काफी समय से जीएसटी जमा नहीं करने, कारोबार को नुकसान में चलना दिखाकर कम टैक्स देने, कागजों में फर्जी फर्म चलाने और बोगस बिलिंग करने वालों का ब्यौरा दिया है।
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200 से ज्यादा प्रकरण दर्ज कर जुर्माना सहित किया गया जीएसटी वसूल
GST Fraud: इसमें पिछले काफी समय से जीएसटी जमा नहीं करने, कारोबार को नुकसान में चलना दिखाकर कम टैक्स देने, कागजों में फर्जी फर्म चलाने और बोगस बिलिंग करने वालों का ब्यौरा दिया है। इस गोपनीय सूची में फर्म संचालक का नाम-पता और टैक्स से संबंधित जानकारी शामिल है। इनका वेरिफिकेशन करने के बाद विभागीय अधिकारियों को इसकी जांच करने के लिए कहा गया है।
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GST Fraud: बताया जाता है कि त्योहारी सीजन में टैक्स चोरी और अधिकांश लेन-देन कच्चे में किया जाता है। इसे देखते हुए संबंधित फर्म पर नजर रखने और दबिश देकर जांच करने के निर्देश दिए गए है। बता दें कि 2023 में अगस्त से सितंबर तक विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान प्रदेश में जीएसटी चोरी करने और बिना जीएसटी सामानों का परिवहन करने वाले 200 से ज्यादा प्रकरण दर्ज कर जुर्माना सहित जीएसटी वसूल किया गया था।
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जीएसटी नंबर लिखना अनिवार्य
जीएसटी में पंजीकृत कारोबारियों द्वारा कच्चे में लेन-देन करने और अपने प्रतिष्ठान के साइन बोर्ड में जीएसटी नंबर नहीं लिखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान गड़बड़ी मिलने पर जुर्माना सहित टैक्स वसूल किया जाएगा। वही सेंट्रल जीएसटी के अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन फर्मों पर कार्रवाई करना है जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। जांच के दौरान साइन बोर्ड में जीएसटी नंबर नहीं मिलने पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इससे बचने के लिए कारोबारियों को प्रतिष्ठान में लगे साइन बोर्ड में जीएसटी नंबर, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट फर्म में रखना होगा। साथ ही, लेन-देन और गोदाम में रखे स्टॉक का रिकॉर्ड मेंटेन रखें।




