Breaking News in Korba: कोरबा समेत कोरिया जिलों में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मिनीमाता बांगो हसदेव बांध लबालब हो गया है और पांच गेट खोल दिए गए हैं। तीन साल बाद बांध के गेट खोलने की नौबत आई है। शनिवार की देर रात बांध के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने तीन गेट खोला। रविवार की सुबह दो और गेट खोल दिए गए। लगभग 50 हजार क्यूसेक पानी हसदेव नदी में प्रवाहित किया जा रहा है।
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Breaking News in Korba: कोरिया, चिरमिरी व कोरबा में लगातार बारिश से 98 प्रतिशत से अधिक जलस्तर बढ़ गया है। हसदेव डुबान क्षेत्र में प्रशासन ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था। वहीं दूसरी ओर बांगो बांध में बने हाइडल प्लांट को भी पूरे कुछ भी क्षमता से संचालित किया जा रहा है। उधर दर्री बराज के तीन गेट पहले ही खोल दिए गए हैं। बांगो बांध के गेट खुलने से हसदेव दर्री बाराज पर पानी का दबाव और बढ़ेगा। दर्री बाराज के कई और गेट भी खोलने की संभावना है। दोनों बांध के गेट खोले जाने की वजह से शहर के सीतामढ़ी क्षेत्र में हसदेव नदी के किनारे रहने वाले कुछ इलाकों में पानी भर गया है।
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बीते वर्ष की तुलना में अधिक वर्षा
Breaking News in Korba: बीते वर्ष की तुलना में 2381.33 मिलीमीटर अधिक है। लगातार हुई वर्षा जनजीवन को प्रभावित किया है। अन्य दिनों की तुलना सड़कों लोगों की चहल पहल देर से हुई। वर्षा के कारण सड़कों में जिला अस्पताल मार्ग, कोसाबाड़ी, टीपी नगर, मुड़ापार से मानिकपुर पहुंच आदि मुख्य मार्ग में पानी भरने की वजह आटो, दोपहिया वाहन चालकों को गंतव्य तक पहुंचने काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। लगातार वर्षा की वजह से सीएसईबी, एसईसीएल, सिंचाई कालोनी के जर्जर आवासो के छतों से पानी सिपेज होने की वजह से लोग परेशान रहे।
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तेज वर्षा का असर बालको परसाभांठा, गेवरा बस्ती, कुसमुंडा कालोनी, जमनीपाली सहित में भी देखा गया। वर्षा की वजह से खेतों में रोपाई का काम भी बाधित रहा। दोपहर को वर्षा थमने से लोगो राहत महसूस किया।तेज वर्षा की वजह तान नदी उफान पर है। हसदेव नदी का भी जल स्तर बढ़ गया हैं। जल संसाधन ने नदी तट के रहवासियों को सावधान किया है कि नदी में मत्स्य आखेट के लिए न जाए।
स्कूल व कार्यालयों में उपस्थिति प्रभावित
झमाझम वर्षा दौर सुबह दस बजे तक जारी रहा। सड़कों में पानी भरने स्कूल बसें कालोनी तक नहीं पहुंच पहुंच पाई। निजी के अलावा सरकारी स्कूलाें बच्चों की उपस्थिति कम रही। ग्रामीण क्षेत्रों में नाला को पार कर स्कूल आने वाले बच्चे घर पर ही है। विद्यार्थियों के अलावा शिक्षकों की भी उपस्थिति प्रभावित रही। स्कूल कालेज के अलावा अनुपस्थिति का असर शासकीय कार्यालयों में भी देखा गया। आम दिनों की तुलना में कामकाज प्रभावित रहा।




